पश्चिम बंगाल पुलिस ने दार्जिलिंग के सुकना में 29 जुलाई को हुई आगजनी की घटना के सिलसिले में नेपाली नागरिक सहित गोरखा जनमुक्ति मोर्चा नेता को गिरफ्तार किया है। इस घटना में कई पुलिसकर्मी और गोरखा समर्थक झुलस गये थे। 

पुलिस सूत्रों ने बताया कि नेपाली नागरिक उदय हंग फागू और गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा के आयोजन सचिव (सुकना) के नितिन छेत्री को विभिन्न धाराओं के तहत आज सिलीगुडी से गिरफ्तार किया गया। उन्हें अदालत में पेश किया जायेगा। इससे पहले आगजनी की घटना को लेकर जीजेएम नेता नारबू लामा को कुछ दिनों पूर्व गिरफ्तार किया गया था।

उधर, गोरखा जन मुक्ति (जीजेएम) सुप्रीमो बिमल गुरंग ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर लोगों से आह्वान किया कि उसी आंदोलन की तर्ज पर राज्य की ममता बर्नजी सरकार के खिलाफ दार्जिलिंग छोड़ो आंदोलन किया जाए। 

गुरंग ने यहां जारी एक बयान में कहा कि हम पश्चिम बंगाल सरकार के साम्राज्यवादी शासन में है और ऐसी सरकार को दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़ देना चाहिए। जिस तरह अंग्रेजी सरकार ने हमें और भारतीय लोगों को दास बनाया और शोषण करते हुए अनेक अत्याचार किए, उसी तरह पश्चिम बंगाल सरकार भी कर रही है तथा दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्रों, तराई और दुआर्स के लोगों को गुलाम बनाकर रखा है। गौरतलब है कि पृथक दार्जिलिंग की मांग को लेकर दार्जिलिंग हिल्स में पिछले 55 दिनों से अनिश्चितकालीन बंद है जिससे यहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।