पश्चिम बंगाल की सीआईडी ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष बिमल गुरुंग सहित अन्य नेताओं के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। आरोप है कि फंड्स का दुरुपयोग किया जा रहा था। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के महासचिव रोशन गिरी और सहायक महासचिव बिनय तमांग के भी खाते फ्रीज किए गए हैं।

सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार रात मीडिया कर्मियों को दिए बयान में इसकी पुष्टि की। अधिकारी ने
कहा कि गुरुंग, तमांग और रोशन गिरी के बैंक खाते 17 जुलाई को फ्रीज किए गए। यह पाया गया था कि हथियार खरीदने जैसे गैर कानूनी ऑपरेशंस के लिए फंड्स का दुरुपयोग किया जा रहा था। तीनों के बैंक
खाते दार्जिलिंग के निजी बैंक में थे। ये खाते गोरखा जनमुक्ति मोर्चा नेताओं से संबंधित थे। खातों में जमा पैसे का इस्तेमाल अवैध हथियार खरीदने जैसी सभी गैर कानूनी गतिविधियों में किया जा रहा था। अत: हमने खातों को फ्रीज करने का फैसला किया।

अधिकारी ने बताया कि तीन खातों से 26 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि ये खाते कब तक फ्रीज रहेंगे यह स्पष्ट नहीं है। हमें ट्रांजेक्शंस की डिटेल्स के बारे में पता करना होगा। जांच जारी है। गिरी ने कहा कि उन्हें उस खाते के बारे में कोई जानकारी नहीं है। खाते का इस्तेमाल गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन के सैलरी अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। गिरी ने मीडियाकर्मियों से कहा, मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि मेरा खाता फ्रीज कर दिया गया है लेकिन मेरा सवाल यह है कि इसके पीछे वजह क्या है। खाते का इस्तेमाल मेरे जीटीए सैलरी अकाउंट के रूप में हो रहा था। इस खाते का इस्तेमाल मैं अपने घर का किराय चुकाने के लिए कर रहा था। मेरे पास आईटी डिटेल्स है। मेरे पेपर्स अप टू डेट हैं। मेरा मानना है कि यह बहुत जरूरी है।

गौरतलब है कि अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर दार्जिलिंग में 8 जून से बेमियादी आंदोलन चल रहा है। आंदोलन के दौरान जमकर हिंसा हुई है। हिंसा को काबू में करने के लिए दार्जिलिंग में सेना को बुलाना पकड़ा था।