गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के प्रमुख बिमल गुरुंग ने चेतावनी देते हुए एक अलग राज्य के लिए जारी आंदोलन के और भी अधिक प्रचंड होने की बात कही है। गोरखालैंड के लिए जारी आंदोलन के 32 दिन पूरे होने पर उन्होंने ये बात कही। आंदोलन की अगुवाई कर रही जीजेएम के चीफ गुरुंग ने कहा कि पिछले एक महीने से जारी आंदोलन और भी अधिक प्रचंड हो सकता है और यह हमारी आजादी के लिए निर्णायक जंग साबित होगा। अगर मुझे खून बहाने की जरूरत पड़ी तो मैं वह भी कर सकता हूं, लेकिन यह लड़ाई  तो गोरखालैंड के मिल जाने तक जारी रहेगी। 

इसी बीच जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर 18 जून को लगे बैन को 25 जुलाई तक बढ़ा दिया है। इस आंदोलन की वजह के खाद्य आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, इस बीच जीजेएम एक्टिविस्ट और एनजीओ ने आम लोगों में खाना बांटने का काम भी किया। दार्जिलिंग, कालिमपोंग और सोनाडा में सेना तैनात है और सुरक्षाबल भी सड़कों पर गश्त लगा रहे हैं। 

जीजेएम की युवा मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश गुरुंग ने अलग राज्य के लिए आत्मदाह करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हमने जब से इस बात की घोषणा की है हम अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए आत्मदाह की राह चुनेंगे, तब से सैंकड़ों लोग हमसे संपर्क कर चुके हैं। पहाड़ों से कई लोगों और युवाओं ने हमें संदेश भेजे हैं कि वे इसके लिए अपनी जान देने की इच्छा जाहिर करते हैं।