पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में मक्के की फसल पर फॉल आर्मीवर्म (एफ़एवी) कीड़े का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरकार इसे लेकर बेहद चिंतित है। समस्या से निपटने के लिए और इसे बढने से रोकने के लिए कृषि मंत्री सी ललरिनसांगा ने राज्य के सबसे बडे नागरिक समाज संघटन यंग मिज़ो असोशिएशन (वाईएमए) की मदद मांगी हैं।


राज्य के 122 गावों में कुल 1,745 हेक्टर भूमि पर लगायी गयी मक्के की फसल आर्मीवर्म (फाव) कीड़े की चपेट में आ गई हैं। जिससे राज्य के किसानों की लगभग 20 करोड़ की फसल बर्बाद होने की आशंका हैं। इस कीड़े से फैलने वाली बीमारी के बारे में राज्य सरकार ने 8 मार्च को केन्द्रीय कृषि मंत्री को रिपोर्ट भेज दी थी लेकिन केंद्र की ओर से कोई जवाब नहीं आया हैं।


सबसे पहले मक्के की फसल में इस आर्मीवर्म कीड़े के बारे में राज्य के लुंगलई जिला में बता चला था। हालांकि मामला सामने आने के बाद से ही राज्य सरकार कीड़े के प्रकोप को फैलने से रोकने के प्रयासों में लगी हुई हैं। राज्य सरकार ने आनन-फानन में केमिकल पेस्टिसाइड की खरीद की और इसका मकके की फसल पर छिड़काव किया लेकिन अभी तक इस कीड़े के फैलने को रोका नही जा सका हैं।


केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक राज्य सरकार को इस कीड़े के संभावित प्रकोप के बारे में फ़रवरी महीने में ही सूचित कर दिया था। इसी सूचना के आधार पर राज्य के कृषि मंत्रालय ने सभी जिला कृषि अधिकारियों को सूचना भेज कर उन्हें जरूरी तैयारिया करने की सलाह दी थी।


अभी इस कीड़ा का प्रकोप शुरू हुआ हैं जो मानसून के आने के बाद और बढ़ेगा। दिन के समय यह कीड़ा मक्का के पौधे की पत्तियों में छुप जाता और रात में यह सक्रिय होता हैं। इसलिए इस कीड़े का पौधे में पता लगाना मुश्किल का काम हैं। समस्या से जल्द नहीं निपटा गया तो मक्का किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।