दादरा और नगर हवेली के लोकसभा उपचुनाव (Dadra and Nagar Haveli LS bypoll) में शिवसेना उम्मीदवार और दिवंगत मोहन डेलकर की विधवा कलावती डेलकर (Kalavati Delkar) ने अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी पर 50,000 से अधिक मतों से ऐतिहासिक जीत हासिल की। उन्होंने मंगलवार को परिणाम की घोषणा के बाद लोगों को मोहन देलकर के प्रति सम्मान भाव रखने और उन पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद दिया।

दादरा नगर हवेली (डीएनएच) के नतीजों के बाद कलावती डेलकर (Kalavati Delkar) ने कहा, मैं निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों को धन्यवाद देती हूं, क्योंकि उन्होंने मेरे दिवंगत पति के प्रति जो भावनाएं दिखाई हैं और मुझ पर भरोसा किया है। मैं उस भरोसे को पूरा करने की पूरी कोशिश करूंगी। डीएनएच अब एकीकृत केंद्र शासित प्रदेश दमन, दीव और डीएनएच का हिस्सा है।

50 वर्षीय कलावती डेलकर ने अपने पति मोहन डेलकर (Mohan Delkar) के निधन के बाद अपना पहला चुनाव लडकऱ मंगलवार को सबसे अधिक जीत के अंतर के साथ अपनी पत्नी की सीट हासिल करके इतिहास रच दिया। डेलकर को कुल मतों का 59.51 प्रतिशत (1,16,834 मत) प्राप्त हुआ और उन्होंने अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी महेश गावित (Mahesh Gavit) पर 51,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की। गावित ने कहा, मैं कलावती डेलकर को चुनाव जीतने के लिए बधाई देता हूं। जाहिर है कि उन्हें भारी समर्थन देने के बाद निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को उनसे बहुत उम्मीदें होंगी। हम परिणामों का विश्लेषण करेंगे और देखेंगे कि क्या करने की जरूरत है।

डीएनएच उपचुनाव के लिए मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई। दोपहर तक शिवसेना की जीत के स्पष्ट संकेत देने वाले केंद्रों से रुझान आने लगे। डेलकर सभी राउंड की मतगणना में भाजपा के महेश गावित से आगे रहीं। भाजपा प्रत्याशी महेश गावित ((Kalavati Delkar)) डीएनएच जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व हेड कांस्टेबल हैं। उनके लिए स्मृति ईरानी, मनोज तिवारी, पुरुषोत्तम रूपाला, अश्विनी वैष्णव, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे स्टार प्रचारकों ने प्रचार किया था। उधर, कलावती के प्रचार के लिए शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) विनायक राउत, अनिल देसाई और आदित्य ठाकरे डीएनएच में डेरा डाले हुए थे। डीएनएच के दिवंगत सांसद मोहन डेलकर ने मरीन ड्राइव के होटल सी ग्रीन में आत्महत्या कर ली थी। वह अपने पीछे 15 पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ गए, जिसमें उन्होंने दमन, दीव और दादरा और नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल और कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर कथित तौर पर लगातार उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। इस उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेश ढोड़ी का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि वह अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।