कोरोना वायरस पूरी दुनिया कहर ढा रहा है। कोरोना के कारण कितनों ने अपने को खोया है और खो रहे हैं। कई जगह तो ऐसी हैं जहां कोरोना ने परिवार के परिवार ही खत्म कर दिए हैं। इसी तरह से भारत में यह काल बन गया है। इसके आगोश में न जाने कितने ही आ गए हैं। इसी तरह कोरोना की तरह के अवतार लेकर लोगों पर हमला कर रहा है। कई मरीजों में उनके ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता उल्टा असर दिखा रही है।


बताया जा रहा है कि युवा और कोविड के अलावा पूरी तरह से स्वस्थ मरीजों में ये दिख रहा है कि वे साइटोकिन स्टॉर्म के चलते गंभीर अवस्था में जा रहे हैं। ये वो अवस्था है, जिसमें मरीज का अपना ही इम्यून सिस्टम उसके शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है। इम्यून सिस्टम एंटीजन को नष्ट करने की बजाए शरीर को खिलाफ ही काम करने लगता है और कई बार ये इतना तेज होता है कि स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला होने लगता है, जिसके कारण संक्रमित की मौत भी हो जाती है। 


क्या है साइटोकिन

बता दें कि साइटोकिन एक प्रतिरोधक प्रोटीन है, जो किसी संक्रमण की अवस्था में एक्टिव हो जाता है। पूरे शरीर की कोशिकाओं से पैदा होता है और इसका काम शरीर को संक्रमण से बचाना है। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है। खून में इसकी सीमित मात्रा शरीर के संक्रमण से बचे रहने के लिए जरूरी होती है। यह खतरनाक जब बन जाता है तब साइटोकिन प्रोटीन अनियंत्रित ढंग से बढ़ने लगता है।