चक्रवाती तूफान ‘यास’ ने ओडिशा के बालेश्वर क्षेत्र में तबाही मचाने के बाद पश्चिम बंगाल के कई तटवर्ती जिलों में कहर बरपाया है और प्रचंड हवाओं और आंधी के साथ तेज बारिश से यहां काफी नुकसान पहुंचा है। राज्य में तूफान के कारण अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। तूफान से प्रभावित अधिकांश इलाकों में हालांकि संचार सुविधा की समस्या बरकरार है। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य सचिवालय से मंगलवार से ही स्थिति पर निगरानी रखी हुयी हैं। बनर्जी ने कहा, कई बांध पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई जिलों में बाढ़ आ गई है। हम अब तक लगभग 15 लाख लोगों को निकाल सके हैं। उन्होंने कहा, चक्रवाती तूफान ने पूर्वी मिदनापुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मिदनापुर, पुरुलिया, झारग्राम, बांकुरा, पश्चिम बर्दवान, हावड़ा, कोलकाता और आसपास के जिलों हुगली और नदिया में 75 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आया। तटीय क्षेत्र में हवा की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।

बनर्जी ने कहा कि कई जिलों में पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गये हैं तथा पानी में अचानक वृद्धि होने के चलते कई स्थानों पर बांध या तटबंध टूट चुके हैं। दक्षिण 24 दक्षिण परगना जिले में 15 बांध टूटे हैं जबकि पूर्वी मिदनापुर में 51 बांध क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि दीघा इलाके से 10.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा फंसे हुए अन्य लोगों के बचाव का काम जारी है। प्रखंड से लेकर हर जिला स्तर तक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। राज्य सचिवालय से ये कंट्रोल रूम जुड़े हुए है। इन कंट्रोल रूम के जरिये वह सभी 20 जिलों के जिलाधिकारियों के संपर्क में भी हैं। 

उन्होंने कहा , शहर में पानी और बिजली की आपूर्ति अब तक अप्रभावित रही है, लेकिन मुझे नहीं पता कि क्या होगा जब पूरा कोटाल (पूर्णिमा के कारण उच्च ज्वार) होगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक स्थिति से निपटने के लिए 10 जिलों में सैनिकों को तैनात किया गया है। तकरीबन उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पश्चिम मिदनापुर, झारग्राम, बीरभूम, पुरुलिया, बर्दवान, हावड़ा, हुगली और नादिया में 17 कंपनियां तैनात की गई हैं। राज्य सरकार ने पहले यास को लेकर सेना को भी अलर्ट किया था। स्थिति से निपटने के लिए नागरिक स्वयंसेवकों और अधिकारियों सहित तीन लाख पुलिस को तैनात किया गया है।