भारतीय मौसम विभाग ने साल के पहले चक्रवाती तूफान Cyclone Tauktae को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, अरब सागर की मौसमी गतिविधियों में उथल-पुथल मची हुई है। दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिस वजह से चक्रवाती तूफान का जन्म होने वाला है। विभाग ने आशंका जताई है कि पश्चिमी तट पर रविवार तक साल का पहला चक्रवाती तूफान दस्तक देगा और यह गुजरात और आस-पास के इलाकों को प्रभावित करेगा। इस तूफान का नाम तौकते है यह नाम पड़ोसी मुल्क म्यामांर ने रखा है, जिसका मतलब- अत्यधिक आवाज करने वाली छिपकली होता है।

चक्रवाती तूफान के कारण देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की आशंका है। यह लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में विभाग ने मुछआरों को समुद्र में नहीं जाने का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 14 से 16 मई के बीच केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, तूफान संभवत: 20 मई को कच्छ क्षेत्र से गुजरते हुए दक्षिण पाकिस्तान का रुख कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह गुजरात के तटीय इलाकों में 17 या 18 मई तक पहुंचेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान के कारण लक्षद्वीप, मालदीव में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। विभाग की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है कि केरल, गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में लोगों को आंधी-तूफान का सामना करना पड़ सकता है।

बुधवार शाम से बारिश और ठंडी हवाओं ने गर्मी से लोगों को राहत पहुंचाई है। गुरुवार को भी कई इलाकों में बारिश और कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कई जगहों पर बारिश की आशंका जताई है। कश्मीर में बारिश जबकि जम्मू संभाग में कई क्षेत्रों में बारिश तो कई स्थानों पर बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले एक-दो स्थानों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि के आसार हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी शुक्रवार को बारिश का क्रम जारी रहेगा, विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि ऊंची पहाड़ियों पर हिमपात के आसार हैं।