ओडिशा सरकार ने रविवार को चक्रवाती तूफान अम्फान के मद्देनजर तटवर्ती इलाकों के 12 जिलाधिकारियों को तूफान में फंसने वाले लोगों को निकालने के लिए अलर्ट जारी किया है। यह चक्रवाती तूफान दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर भीषण रूप ले रहा है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) प्रदीप कुमार जेना ने संवाददाताओं को बताया कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की चक्रवाती तूफान अम्फान के विस्तृत जानकारी के बाद तूफान में फंसने वालों लोगों को निकालने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने चक्रवाती तूफान के प्रभावित जिले से लगभग ग्यारह लाख लोगों को निकालने की तैयारी कर ली है। लेकिन चक्रवाती तूफान अम्फान के आगे बढऩे पर आईएमडी के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। जेना ने कहा ओडिशा किसी भी घटना से निपटने के लिए तैयार है और खासकर उत्तर और तटीय ओडिशा के जिलों में पहले से ही तूफान संभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और ओडिशा राहत मोचन बल की यूनिटों को तैनात कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से नहीं घबराने की अपील की क्योंकि चक्रवाती तूफान अम्फान के पश्चिम बंगाल में सागर द्वीप और बांग्लादेश में हटिया द्वीप के बीच टकराने की संभावना है। 

अगले 24 घंटों के दौरान तूफान के उत्तर की ओर बढऩे की संभावना है और फिर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पूर्व की ओर मुडऩे और 20 मई को तेजी से बढ़ता हुआ चक्रवाती तूफान पश्चिम बंगाल के सागर द्वीपों और बंगलादेश के हटिया द्वीप समूह के बीच शाम तक पार कर सकता है। श्री जेना ने कहा कि हालांकि हमने 12 जिलों को अलर्ट किया है लेकिन भद्रक, बालासोर, जगतङ्क्षसघौर और केंद्रपाड़ा जैसे चार जिलों में चक्रवाती तूफान का असर अधिक गंभीर हो सकता है। एसआरसी ने कहा कि कुछ स्थानों पर आश्रय घरों को कोविड-19 महामारी के लिए क्वारंटीन केंद्र में बदल दिया गया है, फिर भी 542 आश्रय हैं जिन्हें कोरोना मामलों के लिए उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा चक्रवाती तूफान अम्फान की चपेट में आने वाले जिलों के कलेक्टरों ने पहले ही 1072 भवनों की पहचान की है जिन्हें आश्रय घरों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।