क्रेडिट कार्ड से इंश्योरेंस के नाम पर हो रही कटौती को बंद कराने का झांसा देकर साइबर ठगों (Cyber Thug) ने एक महिला को ऑनलाइन ठग लिया। उनके खाते से 99 हजार रुपए से अधिक की राशि निकाल लिया गया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। पीड़िता ने करीब 15 दिन पहले ही बैंक में खाता खुलवाया था। इसी दौरान उन्हें क्रेडिट कार्ड मिला था।

ये है पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक टैगोर नगर निवासी सोनल तिवारी आईटी सेक्टर की निजी फर्म में कार्यरत हैं। उन्होंने करीब 15 दिन पहले आईसीआईसी बैंक में अपना खाता खुलवाया था। इस दौरान उन्हें क्रेडिट कार्ड मिला था। 4 दिसंबर को उन्हें कथित आईसीआईसी बैंक से अविनाश ने फोन किया। और बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड पर 2499 रुपए का सालाना इंश्योरेंस होना बताया।

इस राशि को कटने से बचाना है, तो मोबाइल में आने वाला ओटीपी नंबर बता देना। महिला उनकी बातों में आ गई। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर ओटीपी नंबर आया, जिसे महिला ने ठग को बता दिया। इसके कुछ देर बाद ही महिला के बैंक खाते से 99 हजार 780 रुपए का आहरण हो गया। इसकी शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

बैंक से कैसे पहुंची जानकारी

पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने बैंक में खाता खुलवाया था, तभी उन्हें क्रेडिट कार्ड मिला। क्रेडिट कार्ड मिलने की जानकारी ठगों तक कैसे पहुंच गई? इसको लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

ऐसे बच सकते हैं ठगी से

--बैंक में जाकर ही काम करने को प्राथमिकता दें।

-बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वालों को बैंक खाता नंबर, क्रेडिट-डेबिट कार्ड के पासवर्ड, पिन नंबर, सीवीवी नंबर आदि गोपनीय जानकारी न दें।

-बैंक खाता नंबर, क्रेडिट-डेबिट कार्ड की केवायसी या अपडेट बैंक के ब्रांच में जाकर ही कराएं।

-अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए इंटरनेट लिंक को खोलकर उसमें अपने बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई आदि से जुड़ी जानकारी न भरें। -इंटरनेट बैंकिंग या ऑनलाइन भुगतान करते समय बैंकिंग संस्थान के अधिकृत और तकनीकी रूप से सुरक्षित वेबसाइटों का ही उपयोग करें। -फोन करके क्रेडिट कार्ड बंद-चालू करने या लिमिट बढ़ाने वालों से सावधान रहें। फोन पर किसी तरह की जानकारी शेयर न करें।