आधुनिकता के इस दौर में साइबर क्राइम और धोखाधड़ी के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं और ऐसा ही एक मामला उत्तरी दिल्ली का है, जहां एक वैज्ञानिक के सैलरी खाते से एक हैकर ने साढ़े नौ लाख रूपए निकाल लिए है। पीड़ित आर के सिंह नयी दिल्ली की पालम कॉलोनी में रहते हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर स्थित एक शोध संस्थान में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। सिंह ने अपनी सारी जमा पूंजी दिल्ली विश्वविद्यालय की आईसीआईसीआई स्थित सैलरी अकाउंट के अलावा आवास के समीप एक्सिस बैंक में रखी थी। 

 

उनके पास 30 मई को एक व्यक्ति का फोन आता है और वह खुद का आइडिया कस्टमर केयर से बताते हुए उन्हें कहता है कि उनका टूजी सिम फॉर जी में अपग्रेड करना है और इस बहाने उनसे जानकारी हासिल कर लेता है। इसके बाद वह उनके फोन नंबर से यूपीआई जेनरेट कर आईसीआईसीआई बैंक से 95 हजार रूपए निकाल लेता है और कुछ देर बाद उनके नाम से पांच लाख रूपए इंस्टेंट लोन भी लेता है और अपने खातों में ट्रांसफर करा लेता है। यह सिलसिला यही खत्म नहीं होता और हैकर उनके दूसरे एक्सिस बैंक खाते से भी साढ़े तीन लाख रूपए की निकासी कर लेता है। 

इस दौरान उनका सिम ब्लाक हो जाता है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब वह नया सिम लेने स्टोर पे गए तो सिम जारी करने वाला उन्हें अपने खाते की जांच करने को कहता है और इसके बाद उन्हें पता लगता है कि उनके खाते से यह रकम निकाल ली गई है और लोन भी उनके नाम से लिया जा चुका है। यह सब 30 मई से सात जून के बीच का मामला है। सिंह ने इस मामले की प्राथमिकी आठ जून को मौरिस नगर थाने में दर्ज करा दी है, लेकिन पुलिस की तरफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।