इजरायल की कई सरकारी वेबसाइटें क्रैश (government websites crashed) हो गईं, जिनमें प्रधानमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, आंतरिक, न्याय और कल्याण मंत्रालय की वेबसाइटें शामिल हैं। इजरायल के एक अखबार ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। इसे इजरायल के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े साइबर हमले (Cyber attack in Israel) के रूप में देखा जा रहा है। 

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उधर, इजरायल के राष्ट्रीय साइबर निदेशालय (National Cyber Directorate) ने एक बयान में कहा कि ये सभी वेबसाइट अब फिर से शुरू हो गयी हैं। इजरायल के साइबर प्राधिकरण ने कहा कि यह हमला एक डिजिटल-डिनायल ऑफ सर्विस (डीडीओएस) हमला था। इसके जरिए सरकारी वेबसाइट तक पहुंच को अवरुद्ध कर दिया था। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने अखबार को बताया कि सोमवार शाम को बड़े पैमाने पर साइबर हमला किया गया था। 

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माना जा रहा है इस हमले लिए एक अभिनेता या बड़ा संगठन जिम्मेदार है। रक्षा प्रतिष्ठान और राष्ट्रीय साइबर निदेशालय (National Cyber Directorate) ने अब नुकसान का अध्ययन करने के लिए आपातकाल स्थिति घोषित कर दी है। साथ यह पता लगाया जा रहा है कि क्या रणनीतिक इजरायली वेबसाइटों और सरकारी बुनियादी ढांचे, जैसे कि इजरायल की बिजली और जल आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर भी हमले हुए हैं। रक्षा प्रतिष्ठान ने यह भी कहा कि हमले से कई वेबसाइटें प्रभावित हुई हैं, जिसका उपयोग रक्षा संबंधी वेबसाइटों को छोड़कर सभी सरकारी वेबसाइटों के लिए किया जाता है। इस डोमेन का उपयोग करने वाली एक अन्य वेबसाइट सरकारी डेटाबेस है। कुछ वेबसाइटों को अभी भी स्मार्टफोन के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। इजरायल के संचार मंत्री योआज हेंडेल ने हमले के मद्देनजर संचार मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई और दूरसंचार कंपनियां बाधित हुयीं वेबसाइटों को फिर से शुरू करने के लिए काम कर रही हैं। धीरे-धीरे सेवा बहाल की जा रही है।