पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार है सिलीगुड़ी। यहा का व्यापार पड़ोसी राज्य सिक्किम, बिहार, भूटान, नेपाल, असम तथा हिल्स पर निर्भर करता है।

कोविड-19 महामारी के कारण लाकडाउन और वाहनों की आवाजाही नहीं होने के कारण बाजार खुले होने पर भी ग्राहक नहीं आ पा रहे हैं। सेठ श्रीलाल मार्केट ,विधान मार्केट , सेवक रोड तथा महावीर स्थान के कई दुकानदारों का कहना है कि जब तक पड़ोसी राज्य और आसपास से लोगों का आवागमन नहीं होता तब तक कारोबार पटरी पर आने की संभावना नहीं। 

कपड़ा दुकानदार अमित अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, शिव शकर शाह, विनोद प्रसाद तथा कॉस्मेटिक के दुकानदार राजीव शाह, मनोज मसूरी, नंद किशोर, राज कुमार कथा विजय कुमार बताया की बाजार की स्थिति ऐसी है कि रोज का खर्च नहीं निकल पा रहा है। यही स्थिति कुछ दिन और रही तो व्यापारी कर्ज में डूब जाएंगे। 

स्टाफ का वेतन कैसे हो और कहा से दे पाएंगे अब इसकी चिंता होने लगी है। कास्मेटिक और कपड़ा दुकानदारों का कहना है कि जून माह में शादी विवाह के अलावा महिलाओं का पर्व बट सावित्री में कपड़े और श्रृंगार के वस्तुओं की काफी बिक्री होती थी। इस बार हाल कुछ दूसरा ही है। सौंदर्य प्रसाधन के साथ महिलाओं के लिए पुरुष जेवरात भी खरीदते हैं। अब पर्व के मात्र 2 दिन बचे हैं। लेकिन लाखों की तो बात छोड़िए हजारों में भी बिक्री नहीं हो पा रही है। यह हम लोगों के लिए चिंता का विषय है।