मंगल पर बादल। जी हां, बादल वह भी अपने आसमान जैसे काले-घने, उमड़ते-घुमड़ते हुए। नासा की ओर से मंगल ग्रह पर बादलों की हलचल का एक वीडियो जारी किया गया है जो जमकर वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार मंगल पर जीवन की खोज कर रहे अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा के क्यूरोसिटी रोवर ने वहां के बादलों का वीडियो भेजा है। ये दृश्य उसके ऊपर लगे हाईटेक कैमरों में कैद हुए हैं। आठ नई तस्वीरों में नैविगेशन कैमरे की नजर से पांच मिनट के नजारे देखे जा सकते हैं। ये पृथ्वी के बादलों की तरह ही चलते हुए दिख रहे हैं। इन्हें उत्तर कैरोलीना स्टेट यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट पॉल ब्राइर्न ने शेयर किया है।

बताया गया कि ये बादल भले ही पृथ्वी जैसे बादलों की तरह दिख रहे हों, लेकिन मंगल का वायुमंडल बहुत पतला है और इसलिए ये अलग तरह से बने होंगे। दरअसल, बादलों के बनने के लिए पानी के कणों को पार्टिकल्स पर ठंडा होकर लगना होगा। पृथ्वी पर ये धूल के कण हो सकते हैं जो हवा के साथ ऊपर जाते हैं, लेकिन मंगल का वायुमंडल इतना पतला है कि इनका बनना मुश्किल होता है। ये इतनी ऊंचाई पर थे कि रात के वक्त भी सूरज की रोशनी से चमकते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार मंगल का सिर्फ यही मौसम पृथ्वी जैसा नहीं है लेकिन इससे पहले भी 2008 में फीनिक्स लैंडर ने सतह पर बर्फ गिरती देखी थी। यह बर्फ दिखने में पृथ्वी जैसी है लेकिन यह असल में कार्बन डायऑक्साइड से बनी है जैसे ड्राई आइस।