एक अन्य विस्फोटक खुलासे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने शनिवार को दावा किया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के एक रिश्तेदार सहित 3 बंदियों को रिहा कर दिया और जहाज रेव पार्टी के छापे को ‘‘पूर्व नियोजित साजिश’’ करार दिया।

मीडिया को संबोधित करते हुए राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) ने कहा कि बॉलीवुड मेगास्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Shahrukh Khan son Aryan Khan) सहित जहाज (2 अक्टूबर) पर रेड मारने के बाद कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था। मलिक ने मांग की कि बाद में, उस रात 3 लोगों को एनसीबी अधिकारियों ने जाने की अनुमति दी। वे ऋषभ सचदेवा हैं, जो एक भाजपा नेता मोहित भारतीय (पूर्व में कंबोज) (Mohit Kamboj), आमिर फर्नीचरवाला (Aamir Furniturewala) और प्रतीक गाभा (Prateek Gabha) के भतीजे हैं। एनसीबी को जवाब देना चाहिए कि उन्हें क्यों रिहा किया गया।

नवाब मलिक (Nawab Malik) ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं के साथ केंद्रीय बीजेपी नेताओं ने एनसीबी अधिकारी समीर वानखेडे पर दबाव बनाया था। और इसी दबाव की वजह से इन तीन लोगों को समीर वानखेडे ने एनसीबी से जाने दिया। नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी समीर वानखेडे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि समीर वानखेडे (Sameer Wankhede) ने बीजेपी नेताओं के इशारों पर इन तीन लोगों को छोड़ा। जबकि आर्यन खान इन्हीं लोगों के बुलावे पर वहां गए थे। 

नवाब मलिक (Nawab Malik) ने मांग की है कि समीर वानखेडे के कॉल डिटेल्स की जांच की जानी चाहिए। नवाब मलिक ने बताया कि ऋषि सचदेवा बीजेपी के युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मोहित कंबोज के साले हैं। वे राष्ट्रपति से भी सम्मान हासिल कर चुके हैं। मलिक ने ऋषभ सचदेवा और मोहित कंबोज की एक साथ खींची हुई तस्वीरें भी दिखाईं। उन्होंने बताया कि जब ऋषि सचदेवा को छोड़ा गया तब उसके साथ उनके पिता और चाचा भी थे।