महाराष्ट्र में एक स्थानीय अदालत ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (BJP) के नेता मोहित कम्बोज भारतीय द्वारा दायर मानहानि के एक मुकदमे में जमानत दे दी है। अदालत ने नेता को 15000 रुपए की रकम के निजी मुचलके के तहत जमानत प्रदान की। वहीं मामले में अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी। 

एनसीपी नेता नवाब मलिक  (Nawab Malik)  ने आरोप लगाया था कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) (NCB) के मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) ने कम्बोज के रिश्तेदार ऋषभ सचदेवा को भाजपा के नेता की वजह से छोड़ दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 02 अक्टूबर को क्रुज शिप पर हुई एनसीबी (NCB) की छापेमारी के दौरान ऋषभ भी जहाज पर मौजूद था। इस संदर्भ में मोहित कम्बोज (Mohit Kamboj) ने 09 अक्टूबर को नवाब मलिक को नोटिस भेजा था, जिसमें स्पष्ट तौर पर एनसीपी नेता को मानहानिकारक बयानबाजी बंद करने को कहा गया था। 

हालांकि नवाब मलिक (Nawab Malik)  ने 11 अक्टूबर को भी अपने आरोप जारी रखे। उसी दिन कम्बोज (Mohit Kamboj) ने मलिक को लगाए गए सभी आरोपों को सिद्ध करने के लिए दूसरा नोटिस भेजा। भाजपा नेता कम्बोज ने 26 अक्टूबर को मलिक के खिलाफ स्थानीय अदालत में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया था और अदालत से इस मामले में धारा 190 के तहत कार्यवाही करने की मांग की थी।