आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब में पिछले साल कोरोना काल में बनाए गए मुख्यमंत्री कोविड रिलीफ फंड पर सवाल उठाते हुये कहा है कि सीएम कोविड फंड में कितना पैसा आया और कहां खर्च हुआ ,इसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। आप के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद भगवंत मान ने आज यहां कहा कि जनता के पैसे को गुप्त नहीं रखा जा सकता इसलिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस फंड के पैसे का हिसाब दें। 

कोरोना को भारत में आए हुए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। कोरोना की पहली लहर भी बीत गई, लेकिन राज्य के सरकारी अस्पतालों में अभी तक पर्याप्त संख्या में वेटिलेटर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में अभी तक बेड की संख्या भी नहीं बढ़ाई गई ताकि दूसरी लहर का ठीक से मुकाबला किया जा सके। सरकार ने कुछ किया ही नहीं तो सवाल उठता है कि आखिर रिलीफ के नाम पर जुटाये करोड़ों रुपये का क्या किया। 

कैप्टन सरकार ने अपना झूठा प्रचार करने के अलावा इस एक साल में कुछ नहीं किया। मान ने कहा कि राज्य में लगातार कोविड मरीजों की संख्या तथा मृत्यु दर तेजी से बढ़ रही है लेकिन कैप्टन ङ्क्षसह स्वास्थय सुविधाओं को बेहतर करने के बजाए बीमारी के नाम पर अपना प्रचार कर रहे हैं। रोज सैंकड़ो लोग इलाज नहीं हो पाने के कारण दम तोड़ रहे हैं, लेकिन सरकार के रिकॉर्ड में उन सारे लोगों का नाम शामिल नहीं किया जा रहा है। सरकार जो आंकड़े बता रही है ,असल में उससे कई गुणा ज्यादा लोग इस महामारी से मर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार ने कोरोना से बचाव के लिये चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय पांच हजार शव कवर की आपूर्ति के लिए निविदा जारी किया है। सरकार की तरफ से निविदा जारी कर कहा गया कि जितनी जल्दी हो सके शव कवर की आपूर्ति की जाए। कोरोना से लोगों को बेहतर उपचार करके बचाया जा सकता है लेकिन कैप्टन सरकार कोरोना पीडि़तों के इलाज के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और अन्य चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने में अभी तक नाकाम रही है।