त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्य में 25 साल से काबिज लेफ्ट की सत्ता से विदाई के बाद कई जगह सीपीएम के दफ्तरों को निशाना बनाया गया था। जिसके बाद माकपा ने राज्य में शुरू हुई हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा है और वामपंथी संगठनों और कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों को रोकने के लिये तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

लोकसभा में माकपा के उपनेता मोहम्मद सलीम ने आज संवाददाताओं को बताया कि पार्टी पोलित ब्यूरो की ओर से प्रधानमंत्री को इस बारे में पत्र लिखकर त्रिपुरा के हालात से अवगत कराया गया है। सलीम ने कहा कि त्रिपुरा में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद शुरु हुये हिंसा के दौर का ताजा उदाहरण राज्य में कल लेनिन की प्रतिमा ढहाना है।




उन्होंने कहा कि पत्र में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद त्रिपुरा में भाजपा समर्थकों की माकपा कार्यकतार्ओं और संगठनों के खिलाफ हिंसक घटनाओं का ब्यौरा भी दिया गया है। इसके मुताबिक पांच मार्च को शाम चार बजे तक त्रिपुरा में हिंसा की घटनाओं में 514 लोग घायल हुये हैं, 1539 घरों पर हमले किये गये, 196 घरों में आग लगायी गयी, माकपा के 134 पार्टी कार्यालयों को निशाना बनाया गया है और 208 पार्टी कार्यालयों पर कब्जा किया गया।  प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में उनसे त्रिपुरा में शुरू हुई हिंसा और हमलों की घटनाओं को रोकने के लिये तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है, उन्होंने कहा कि पत्र में त्रिपुरा में तेजी से बिगड़ते हालात को ठीक कर स्थिति सामान्य करने और शांति बहाली की बात कही गई है।

आपको बता दें कि मंगलवार को रूसी क्रांति के नायक लेनिन के एक और स्टैचू को गिरा दिया गया है। बताया जा रहा है कि लेनिन की यह प्रतिमा त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के सबरूम मोटर स्टैंड से पहले त्रिपुरा के बेलोनिया टाउन में कॉलेज स्क्वेयर पर लगी प्रतिमा को मंगलवार को कुछ लोगों द्वारा बुलडोजर की मदद से गिरा दिया गया था।

राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद हुई इस कार्रवाई के बाद तमाम वामपंथी दलों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए बीजेपी पर राज्य में भय फैलाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा बिहार में बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू के सांसद हरिवंश ने त्रिपुरा में हुई इस घटना की निंदा की थी।