त्रिपुरा में विधानसभा की 59 सीटों के लिए आज कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है। जहां एक ओर इस चुनाव में सीपीएम के मुख्यमंत्री माणिक सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर है, तो वहीं केन्द्र की सत्ता पर काबिज बीजेपी अपनी जगह बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।

इसी दौरान सीपीएम ने त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए एक विशेष पर्यवेक्षक की नियुक्ति किए जाने को "असामान्य" बताया और इस पर्यवेक्षक के साथ बीजेपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष की बंद कमरे में हुई बैठक को लेकर आपत्ति जताई।


माकपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ पी रावत से मुलाकात की और विशेष पर्यवेक्षक की नियुक्ति को लेकर चिंता जाहिर की, पार्टी ने कहा कि यह नियुक्ति एक "असामान्य कदम" है।


त्रिपुरा में आज 60 में से 59 सीट पर वोटिंग है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। वोटर्स शाम 4 बजे तक अपना वोट डाल सकते हैं। विधानसभा चुनाव में पहली बार बीजेपी सत्तारूढ़ वाम दल के सामने प्रमुख दावेदारी पेश कर रही है।

बता दें कि वाम दल पिछले 25 सालों से राज्य में सत्ता पर काबिज है। राज्य में अनुसूचित जनजातियों के लिए 20 सीटें आरक्षित हैं। चारीलाम से माकपा के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देव वर्मा के निधन के कारण एक सीट पर आज मतदान नहीं हो रहा है। इस सीट पर 12 मार्च को चुनाव होगा।