त्रिपुरा में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ होने वाले हमले व हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष के उप-नेता बादल चौधरी की अगुवाई में एक माकपा प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को यहां मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब से मुलाकात की। इसमें वामपंथी कार्यकर्ताओं पर होने वाले कथित हमलों को रोकने में उनसे हस्तक्षेप की अपील की गई।

चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि भाजपा-आईपीएफटी सरकार के सत्ता में आने के बाद बीते आठ महीनों के दौरान राज्य में बड़े पैमाने पर होने वाली राजनीतिक हिंसा के चलते विभिन्न वामपंथी राजनीतिक दलों के सात हजार से ज्यादा कार्यकर्ता बेघर हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे तमाम लोग आतंक के मारे राज्य के बाहर रह रहे हैं। तीन सौ से ज्यादा पार्टी दफ्तरों को तोड़ दिया गया है। चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के विधायकों और पूर्व मंत्रियों को राज्य के भीतरी इलाकों के दौरे के समय सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा रही है।