भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआइ) ने आगामी आम चुनाव के लिए नई दिल्ली में अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। पार्टी ने आम चुनाव में उम्मीदवार खड़े करने के लिए 24 राज्यों के 53 लोकसभा क्षेत्रों की पहचान की है। उसने 15 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। उसने चुनाव घोषणा पत्र के लिए 11 सदस्यों की समिति का गठन किया। इसका संयोजक डी. राजा को बनाया गया है।

सीपीआइ के महासचिव एस. सुधाकर रेड्डी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में लिए गए फैसलों की संवाददाताओं को जानकारी दी। विजयवाड़ा, अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), नागांव, जोरहाट, नॉर्थ लखीमपुर (असम), बेगसराय, खगड़िया, मोतीहारी, मधुबनी, बांका, गया (बिहार), बस्तर-साउथ (छत्तीसगढ़), दिल्ली की एक सीट, गोवा की एक सीट, सूरत (गुजरात), अंबाला (हरियाणा), हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), हजारीबाग (झारखंड), कठुआ (जम्मू व कश्मीर), तुमाकुरू (कर्नाटक), मावेलिक्कारा, तिरुवनंतपुरम, त्रिचूर, वायानंद (केरल), भोपाल, खरगौन, शहडौल, बालाघाट (मध्य प्रदेश), गढ़चिरौली, नागपुर जिले में रामटेक-आरक्षित, अहमदनगर जिले में शिरड़ी-आरक्षित (महाराष्ट्र), अंदरूनी मणिपुर, शिलांग (मेघालय), अस्का (ओडिशा), फिरोजपुर (पंजाब), श्रीगंगानगर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान), भोंगिर, खम्माम (तेलंगाना), घोसी, राबर्ट्सगंज एससी, बंद, हरदोई एससी), गाजीपुर, जौनपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर, झांसी (उत्तर प्रदेश), बसीरहाट, घाटल, मिदनापुर (पश्चिम बंगाल) में उम्मीदवार खड़े करने का फैसला किया गया है।

पार्टी ने रामू राम मौर्य (बस्तर साउथ), प्रवेश चंदेल (हमीरपुर), देव राज (कठुआ), एन. शिवन्ना (तुमाकुरू), चित्तायन गोपकुमार (मावेलिक्कारा), सी. दिवकरन (तिरुवनंतपुरम), राजाजी मैथ्यू थॉमस (त्रिचूर), पी. पी. सुनीर (वायानंद), राजन क्षीरकुमार (परबनी), बंसी सतुपुते (शिरड़ी), डा. नर सिंह (अंदरूनी मणिपुर), रामकृष्ण पांडा (अस्का), रेवतराम नाइक (श्रीगंगानगर), घनश्याम तिवाड़ी (उदयपुर) और राधा भंडारी (चित्तौड़गढ़) को चुनाव में उतारने की घोषणा की है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने ११ सदस्यीय चुनाव घोषणा पत्र समिति बनाने का भी फैसला किया है। इस समिति का संयोजक डी. राजा को बनाया गया है। पार्टी ने कहा है कि सीटों और उम्मीदवारों की यह पहली सूची है। सीटों को लेकर बातचीत चल रही है। इनकी संख्या में अंतर आ सकता है।

रेड्डी ने कहा कि आगामी चुनाव में सीपीआइ मजबूत होकर उभरेगी। आज देश के सामने तमाम समस्याए हैं। ऐसे में मतदाता वैकल्पिक सरकार चाहते हैं। सीपीआइ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा गया कि मोदी सरकार को हटाकर उसके स्थान पर धर्म निरपेक्ष लोकतांत्रिक और प्रगतिवादी सरकार लाने की जरूरत है जिसमें वाम दलों की राय को ज्यादा अहमियत मिले। बैठक में सर्वसम्मत से प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया कि मोदी सरकार की जन विरोधी, श्रमिक विरोधी, विभाजनकारी और सांप्रदायिक मोदी सरकार को उखाड़ फेंकना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। पार्टी का मानना है कि आज देश की अर्थव्यवस्था और संविधान को फासीवादी ताकतों के चंगुल से बचाने की आवश्यकता है।

अगले चुनाव में किसी तरह मतदाताओं को लुभाने और अगले चुनाव में वापसी सुनिश्चत करने के लिए मोदी सरकार के विभाजनकारी फैसला की भी पार्टी ने कड़ी आलोचना की। बांग्लादेश, पाकिस्तान, म्यांमार, अफगानिस्तान से आकर बसे लोगों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है। सरकार का यह कदम मुस्लिम विरोधी है। इस विधेयक का वामपंथी दलों, कांग्रेस और अन्य सेक्यूलर दलों ने विरोध किया था। पार्टी का कहना है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में हार के बाद चिंतित भाजपा ने अगले आम चुनाव आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों यानी गरीबों को दस फीसद आरक्षण देने का कदम उठाया है। सरकार का यह कदम सरकार ने सिर्फ चुनावी फायदा उठाने के लिए किया। लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं। इससे गरीबों को कोई फायदा होने वाला नहीं है।

पुलवामा में आतंकी हमले और इसके बाद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले की ताजा घटनाओं का जिक्र करते हुए पार्टी ने कहा कि आज देश की सेना के साथ सब को एकजुट होना चाहिए। लेकिन इस मौका पर भी  भाजपा राजनीति कर रही है। राष्ट्रवादी भावनाओं को भुनाने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह विपक्षी दलों के खिलाफ हल्के बयान देकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।