नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) चार फरवरी से 48 दिनों तक घर-घर जाएगी और इसके खिलाफ जागरूकता पैदा करेगी। पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य गौतम दास ने यह जानकारी दी।

माकपा के त्रिपुरा राज्य सचिव दास के अनुसार, 48 दिनों तक चलने वाले इस डोर-टू-डोर कैंपेन का समापन भारत के तीन क्रांतिकारी नायकों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत के दिन 23 मार्च को होगा। तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेजों के शासनकाल में फांसी पर चढ़ाया गया था। वाम नेता ने दो दिवसीय माकपा त्रिपुरा राज्य समिति की बैठक के बाद मीडिया को बताया, संसद के भीतर और बाहर कम से कम 12 बार (गृह मंत्री) अमित शाह ने पूरे देश में एनआरसी शुरू करने की घोषणा की, अब प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा कुछ नहीं कहा। 

उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रव्यापी कदम के हिस्से के रूप में, हम लोगों से कहेंगे कि वे आरएसएस के शरारती जाल में ना फंसें और मोदी-अमित शाह की साजिश वास्तविक भारतीय को संदिग्ध नागरिक बनाने की है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस मुस्लिमों और ईसाइयों को देश से बाहर निकालने का इच्छुक है और वे वैचारिक रूप से दलितों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के भी खिलाफ हैं।

अब हम twitter पर भी उपलब्ध हैं। ताजा एवं बेहतरीन खबरों के लिए Follow करें हमारा पेज :  https://twitter.com/dailynews360