त्रिपुरा में विपक्षी माकपा ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की एक शिकायत शनिवार को निर्वाचन आयोग के पास दर्ज कराई। मतदाताओं को कथित तौर पर सरकारी नौकरी का प्रलोभन देने को लेकर यह शिकायत दर्ज कराई गई।

माकपा पश्चिम त्रिपुरा सचिव पबित्र कार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम यह देख कर स्तब्ध हैं कि मुख्यमंत्री देब संसदीय चुनाव से पहले हिंसा भड़का रहे हैं और सरकारी नौकरी की पेशकश कर प्रोलभन दे रहे हैं।’’ इस बीच, कांग्रेस नेता तापस डे ने शनिवार को चुनाव आयोग को दी गई एक शिकायत में कहा कि लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा होने के बाद से सत्तारूढ़ पार्टी आतंक फैला रही है ताकि मतदाताओं के मन में भय पैदा हो और चुनाव प्रक्रिया में धांधली की जा सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम त्रिपुरा से कांग्रेस उम्मीदवार सुबल भौमिक पर भाजपा के गुंडों ने सिपाहीजाला जिले के सोनमुरा सब डिवीजन में बृहस्पतिवार को हमला किया। डे ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि इस सीट से माकपा उम्मीदवार शंकर प्रसाद दत्ता पर भी भाजपा के गुंडों ने तीन बार हमले किए लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, भाजपा प्रवक्ता नाबेंदु भट्टाचार्य ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि यदि उनके पास मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत है और उस बारे में पर्याप्त सबूत है तो चुनाव आयोग उनके खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई करेगा। त्रिपुरा में लोकसभा की दो सीटें हैं। पश्चिम त्रिपुरा सीट पर 11 अप्रैल को जबकि पूर्वी त्रिपुरा (एसटी, सुरक्षित) सीट पर 18 अप्रैल को मतदान होगा ।