त्रिपुरा में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को विधानसभा चुनाव से पहले एक-दूसरे पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

माकपा के राज्य सचिव बिजन धर ने कहा कि भाजपा समर्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने राज्य में करीब छह अलग-अलग स्थानों पर देवी की मूर्तियों को क्षति पहुंचाई है।

उन्होंने कहा, 'ऐसा विधानसभा चुनाव से पहले त्रिपुरा में सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए किया जा रहा है।'

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के सिलसिले में पुलिस ने भाजपा और आरएसएस सदस्यों सहित कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। भाजपा कार्यकर्ताओं में से एक पूर्व आतंकवादी रह चुका है।

वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए वामपंथियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

भाजपा की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब ने मीडिया को बताया कि मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की खबर सबसे पहले माकपा की पत्रिका 'डेली देशर कथा' में प्रकाशित हुई है।

उन्होंने कहा, 'सांप्रदायिक तनाव और जातीय हिंसा भड़का कर माकपा लगभग 25 वर्षों से सत्ता में है। उन्होंने हमेशा लोगों को सांप्रदायिक और जातीय आधार पर बांटा है।'