भारत (India) में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन को संभालने वाले CoWIN प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन अब इस प्लेटफॉर्म का यूज जल्द ही दुनिया के अन्य देशों में भी किया जाएगा। अब भारत से इस तकनीक को हासिल करने में 12 देशों ने रूचि दिखाई है। भारत में यह सॉफ्टवेयर ने 800 टीकाकरण प्रति सेकंड के भार के साथ एक दिन में 2.5 करोड़ वैक्सीनेशन भी संभाल चुका है।

भारत के साथ बातचीत में शामिल 12 देशों में सबसे आगे दक्षिण अमेरिका है। यहां सरकार की तरफ से दक्षिण अफ्रीका को MoU भेजा जा चुका है। कोविन की तकनीक में दिलचस्पी दिखाने वालों में ज्यादातर देश अफ्रीका और मध्य एशिया के हैं।

सरकार ने दक्षिण अमेरिका के सात MoU पर हस्ताक्षर किए हैं और स्वीकार्यता के लिए दस्तावेज भेज दिए हैं। एक बार प्रक्रिया पूरी होने पर घोषणा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अन्य देशों को CoWIN एक ‘केंद्र सरकार की तरफ से लाइसेंस प्राप्त’ प्रोडक्ट के तौर पर देगी, जिसका इस्तेमाल ‘इच्छुक देश मुफ्त में हमेशा के लिए कर सकेंगे। इसमें एक शर्त यह होगी कि सॉफ्टवेयर को बिक्री के लिए इस्तेमाल करने या दोबारा पैकेज करने की अनुमति नहीं होगी।

इस सॉफ्टवेयर की क्षमताओं के बारे में बताने के लिए सरकार ने 5 जुलाई को विश्व स्तर पर वर्चुअल कॉन्क्लेव आयोजित किया था। इसमें स्वास्थ्य और तकनीक क्षेत्र से जुड़े जानकार शामिल हुए थे। क्षमता पर उठे तमाम सवालों के बाद भी CoWIN ने भारत में बेहतर काम किया है। CoWIN ने प्रति सेकंड औसतन 100 टीकाकरण संभाले हैं।

आपको बता दें कि 17 सितंबर को जब भारत ने एक दिन में 2.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया, तो CoWIN ने प्रति सेकंड 800 टीकाकरण का भार संभाला। एक घंटे में इस तकनीक ने 30 लाख टीकाकरण संभाले थे।