असम से चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कछार जिले के कटिगोराह में स्थित काली मंदिर में रविवार को गाय का सिर व पंजे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना रविवार सुबह की है।

घटना कटिगोराह निर्वाचन क्षेत्र के मोहनपुर पार्ट-1 की है। राम सिंह नाम का एक शख्स रविवार सुबह 5 बजे काली मंदिर गया। वहां उसने गाय का कटा हुआ सिर व पंजे देखे। काली मंदिर को काली बारी के नाम से भी बुलाया जाता है। राम सिंह रोजाना काली मां के दर्शन के लिए मंदिर जाता है। गाय का कटा हुआ सिर देखते ही राम सिंह ने दौड़ता हुआ स्थानीय भाजपा विधायक अमर चंद जैन के पास गया,घटना स्थल के पास में ही रहते हैं।

राम सिंह ने विधायक जैन को घटना के बारे में बताया। बाद में उसने पुलिस को बुलाया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। कटिगोराह के पुलिस अधीक्षक राकेश रोशन ने बताया कि मंदिर में गाय का कटा हुआ सिर और पंजे मिले। गाय के अंगों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। एसपी राकेश रोशन ने बताया कि जब यह खबर इलाके में फैली तो स्थानीय नेताओं ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। स्थानीय लोग और नेता घटनास्थल पर जमा हो गए।

उन्होंने घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। समाचार चैनल टाइम 8 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि घटनास्थल पर जमा स्थानीय लोग उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस पर हमला बोल दिया। इसमें कुछ पुलिस कर्मी घायल हो गए। राकेश रोशन ने बताया कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। हमने घटना के संबंध में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

कटिगोराह के विधायक अमर चंद जैन ने बताया कि कटिगोराह निर्वाचन क्षेत्र में कभी सांप्रदायिक तनाव की घटना सामने नहीं आई। ताजा घटना इलाके में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश का हिस्सा है। जैन ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। उसने कुछ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। विधायक ने कटिगोराह के लोगों से अपील की है कि वे घटना को पर्सनली ना लें और मामले को पुलिस व प्रशासन पर छोड़ दें।

वे अपने तरीके से इसे सुलझाएंगे। जैन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की कार्रवाईयों में शामिल ना हों, इससे समाज की शांति नष्ट होगी। जैन ने कहा कि लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।