बकरीद से पहले सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कई पशुओं की कुर्बानी पर रोक लगा दी है। यह अदेश जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने जारी किया है। इसके तहत बकरीद के मौके पर गोवंश समेत कई जानवारों की कुर्बानी देने पर रोक लगा दी है। यदि कोई ऐसा करता है तो फिर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, 'गोवंश, ऊंटों या अन्य जानवरों की अवैध हत्या या कुर्बानी को रोका जाना चाहिए।' पशुओं के कल्याण के लिए बने कानूनों का हवाला देते हुए प्रशासन ने यह रोक लगाई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन की ओर से जानवरों की कुर्बानी पर पूरी तरह से बैन लगाया गया है या फिर गोवंश और कुछ अन्य पशुओं को लेकर ही यह आदेश दिया गया है।

भारत में हिंदू समुदाय के लोग गाय और उसके वंश को पवित्र मानते रहे हैं। ऐसे में कई राज्यों में गोवंश की हत्या पर रोक है और उसके लिए सजा का भी प्रावधान है। जम्मू कश्मीर में गोहत्या पर प्रतिबंध है। बता दें कि बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय में बकरे या अन्य किसी चौपाये जानवर की कुर्बानी देने की परंपरा रही है। कुर्बान किए गए पशु का मीट तैयार होता है और उसके परिवार एवं दोस्तों के साथ शेयर कर त्योहार मनाया जाता है। इस साल 21 से 23 जून के दौरान किसी भी दिन भारत में बकरीद मनाई जा सकती है।

आमतौर पर जम्मू-कश्मीर में बकरों के अलावा भेड़ों की भी कुर्बानी दी जाती रही है। जम्मू-कश्मीर में डोगरा शासकों के दौर में ही गोवंश की हत्या पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा के भी प्रावधान किए गए थे। सरकार की ओर से दिए गए इस आदेश को लेकर अभी तक जम्मू-कश्मीर के किसी संगठन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बता दें कि जम्मू कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश है। 5 अगस्त, 2019 को राज्य से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला लिया गया था और उसका पुनर्गठन करते हुए लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को अलग करने का फैसला लिया गया था। दोनों को ही केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है।