पुणे के भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में कोविशील्ड वैक्सीन के दूसरे फेज का ट्रायल बुधवार 26 अगस्त से शुरू हुआ।  रिपोर्ट के मुताबिक, यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है।  अगर रिजल्ट अच्छे रहे तो 300 से 350 लोगों यह वैक्सीन दी जाएगी। 

पुणे में आज से इसके फेज-2 का हृयूमन ट्रायल शुरू हो गया।  दोपहर 1 बजे भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 5 लोगों को इसकी पहली डोज दी गई।  इन्हें अगले 2 महीने तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। 

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी भारत के सीरम इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार कर रही हैं।  भारत में यह वैक्सीन कोविशील्ड (्र्रंष्ठ1222) के नाम से लॉन्च होगी।   अगर रिजल्ट अच्छे रहे तो 300 से 350 लोगों यह वैक्सीन दी जाएगी।  ट्रायल सफल होता है तो दिसंबर तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। 

पुणे स्थित भारती विद्यापीठ के मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय लालवानी ने बताया कि हमने ट्रायल के लिए 6 व्यक्तियों का चुना है।  इन लोगों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया खत्म हो गई।  आरटी-पीसीआर और एंटीबॉडी परीक्षण किए गए हैं।  सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने देश में वैक्सीन की 1 बिलियन डोज का उत्पादन करने के लिए ब्रिटिश-स्वीडिश दवा फर्म एस्ट्राजेनेका के साथ समझौता किया है। 

मेडिकल जर्नल द लैंसेट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है।  इस जानकारी के बाद ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन फ्रंट रनर वैक्सीन की लिस्ट में आगे आ गई है।  ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी कहा है कि ्र्रंष्ठ1222 नाम की इस वैक्सीन को लगाने से अच्छा इम्यून रिस्पॉन्स मिला है। 

3 अगस्त को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने देश में सेकंड और थर्ड फेज हृयूमन ट्रायल के लिए सीरम संस्थान को इजाजत दी है।  क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री-इंडिया के मुताबिक, कोविशिल्ड की खुराक ट्रायल में शामिल दो लोगों को दी जाएगी।