भारत में कोरोना वैक्सीन फ्री दिए जाने का ऐलान किया गया है, लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश अन्य भी जहां भी यह वैक्सीन फ्री में दी जा रही है। भारत के अलावा अमेरिका में भी सरकार ने कोरोना वैक्सीन मुफ्त में लगाने का ऐलान किया है। दुनिया की वैक्सीन इस प्रकार हैं-

फाइजर वैक्सीन
फाइजर और बायोनटेक की तरफ से मिलकर बनाई गई वैक्सीन की है। इसें ब्रिटेन में आम लोगों को लगाया जा रहा है। हालांकि फाइजर और बायोनटेक इस वैक्सीन के लिए प्रति डोज 20 डॉलर यानी करीब 1500 रुपये चार्ज कर रही हैं। इसके अलावा फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बोर्ला साथ में यह भी ऐलान कर चुके हैं कि कंपनी अफ्रीका में मुफ्त में वैक्सीन देगी।

सीरम की कोविशील्ड
इस वैक्सीन को ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी, एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया मिलकर बना रही हैं। सीरम इंस्टिट्यूट दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता है। कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत 3 से 4 डॉलर रहेगी यानी करीब 250 से 300 रुपये तक। इसको इमर्जेंसी यूज के लिए एक्सपर्ट कमिटी की हरी झंडी भी मिल गई है। हालांकिए अंतिम फैसला ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को लेना है।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन
सीरम की कोविशील्ड के अलावा भारत बायोटेक और आईसीएमआर की तरफ से विकसित की जा रही कोवैक्सीन भी प्रमुख देसी कोरोना वैक्सीनों में है। इसकी कीमत सीरम की वैक्सीन से भी कम होगी। भारत बायोटेक के एमडी डॉक्टर कृष्णा एल्ला पहले ही कह चुके हैं कि कोवैक्सीन पानी से भी सस्ती होगी। हाांकि कोवैक्सीन की कमत 100 रुपये से भी कम रहेगी।

मॉडर्ना वैक्सीन
अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन की कीमत फाइजर से ज्यादा है। अगस्त में कंपनी ने संभावित कीमतों पर कहा था कि यह 37 डॉलर प्रति डोज यानी करीब 2700 रुपये हो सकती है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के कोवैक्स प्रोग्राम के तहत गरीब देशों में यह वैक्सीन सब्सिडी पर दी जाएगी।

स्पूतनिक 5

रूस द्वारा बनाई गई स्पूतनिक 5 कोरोना वैक्सीन के बारे में मॉस्को का दावा है कि यह 92 प्रतिशत कारगर रह सकती है। रूस में यह वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही है।
जॉनसन ऐंड जॉनसन की कोरोना वैक्सीन
जॉनसन ऐंड जॉनसन की बनाई जा रही कोरोना वैक्सीन सिंगल शॉट वाली वैक्सीन होगी। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह नॉट फॉर प्रॉफिट आधार पर वैक्सीन उपलब्ध कराएगी। इसकी कीमत करीब 10 डॉलर यानी 750 रुपये के आस-पास होगी। ईयू ने इस वैक्सीन के 20 करोड़ डोज, अमेरिका ने 10 करोड़, कनाडा 3.8 करोड़ और ब्रिटेन ने 3 करोड़ डोज का ऑर्डर दे रखा है।