कोरोना वायरस के बारे में जैसे शोध किया जा रहा है वैसे वैसे इसके कई हैरान कर देने वाले लक्षण सामने आ रहे हैं। समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ये किस तरह का वायरस है जो इंसान आंख, नाक, फेफड़े, ह्दय प्रभावित कर देता है और हमला कर इंसान को ही खत्म कर देता है। जैसे कि हम जानते हैं कि कोरोना की  अभी तक किसी भी तरह की वैक्सीन तैयार नहीं की गई है।


इससे 2 लाख से ज्यादा लोगों मर चुके हैं और 38 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसी तरह से हाल ही में चीनी वैज्ञानिकों ने संक्रमित पुरुषों के स्पर्म या सीमेन में कोरोनो वायरस का पता लगाया है। हालांकि अभी यह तय नहीं किया गया है कि वाकई में इंसानी स्पर्म में भी कोरोना आ सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि हाल शोध की और आवश्यकता है और ज्ञात करना है कि क्या यह वायरस यौन संचारित (Sexually transmitted) हो सकता है।


चीनी अस्पताल में कोरोना वायरस रोगियों पर किए गए एक अध्ययन में ज्ञात किया है कि COVID-19 श्वसन की बूंदों या संपर्क से फैलता है। इसी के साथ यह वायरस मल, लार और मूत्र में भी पाया गया है। चीन के हेनान प्रांत के शांगकिउ म्युनिसिपल हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने 15 से 50 वर्ष की आयु के 38 कोरोनो वायरस रोगियों के वीर्य का परीक्षण किया।

वैज्ञानिकों ने बताया कि कोरोना वायरस से जेनेटिक मटेरियल छह रोगियों के वीर्य में मिला। इनमें से चार संक्रमण की एक्यूट स्टेज में थे और दो स्वस्थ हो रहे थे। शोधकर्ताओं ने कहा है कि अगर भविष्य के अध्ययनों में यह साबित किया जा सका कि SARS-CoV-2 यौन संचारित हो सकता है, तो इसके संक्रमण की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता मिल सकता है। इसी के साथ डॉक्टर ने कहा कि रोगियों का कंडोम का उपयोग करना इसका निवारक साधन माना जा सकता है।