एक ओर दुनियाभर के देश कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने की तैयारियों में जुटे हैं। वहीं ब्रिटेन में महामारी के रिकॉर्ड नए संक्रमित मिलने के बावजूद सरकार ने इंग्लैंड से कोरोना के सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं। रात 12 बजे से हटे प्रतिबंध के बाद इंग्लैंड के रेस्टोरेंट्स और नाइट क्लब्स के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखे। 

वहीं सैकड़ों लोग ऐसे थे जो कई घंटों का सफर कर दूसरे शहरों से इंग्लैंड आए, जिससे वह नाइट लाइफ इंजॉय कर सकें। इंग्लैंड से कोरोना का खतरा अभी गया नहीं है। गौरतलब है कि इंग्लैंड के इस फैसले के बाद से विशेषज्ञों और स्वास्थ्यकर्मियों ने चिंता जताई है। दुनियाभर के 1200 साइंटिस्ट इसे दुनिया के लिए खतरा बचा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से दुनियाभर के लिए खतरा पैदा हो सकता है। बीते दिन ब्रिटेन में 48 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं, वहीं 25 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

वहीं इंग्लैंड में अब फेस मास्क की अनिवार्य कानूनी बाध्यताओं को भी खत्म कर दिया गया है। वर्क फ्रॉम होम भी अब जरूरी नहीं होगा। हालांकि पीएम बोरिस जॉनसन ने लोगों से अब भी सतर्क रहने के आह्वान किया है और वैक्सीन लगवाने की अपील की है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद पीएम बोरिस जॉनसन ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। पीएम ने सभी चीजों को खोलने के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि अगर हम इस समय यह काम नहीं करेंगे तो फिर ये सब सर्दी में ही खुल पाएंगे। उस समय सर्दी में वायरस का प्रसार और ज्यादा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह स्कूलों में शुरू होने वाली गर्मी की छुट्टी भी एक अवसर है। अगर हम इस समय नहीं करेंगे तो हमें खुद से पूछना होगा कि आखिर कब इन सबको खोलेंगे। इसलिए मुझे लगता है कि यही सही समय है।