विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर को बहुत बड़ी चुनौती बताया और दुनिया भर के देशों की सद्भावना को कूटनीति में एकजुटता की भावना बताकर उनका स्वागत किया।  

जी-7 विदेश एवं विकास मंत्रियों की बैठक में अतिथि मंत्री के तौर पर हिस्सा लेने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन पहुंचे, जयशंकर ने माना कि भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है,  लेकिन टीकाकरण कार्यक्रम को बढ़ाने और वैश्विक महामारी की तात्कालिकता के इतर भी देश की जरूरतों को समझने के लिए एक योजना तैयार की गई है। 

उन्होंने ब्रिटेन स्थित मीडिया संगठन इंडिया इंक ग्रुप और लंदन में भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित वैश्विक संवाद श्रृंखला के एक कार्यक्रम में कहा, 'भारत को संकट के इस क्षण में एहसास है कि पूरी दुनिया हमारे साथ है। जयशंकर ने कहा, 'हम इससे उबर जाएंगे, लेकिन इस सबसे एक बड़ा सबक मिलता है... एकुजटता की भावना है।  मैं लंदन में यहां यह महूसस कर रहा हूं क्योंकि लगभग सभी देश उससे गुजर चुके हैं जिससे फिलहाल हम गुजर रहे हैं. वे हमारे लिए भावनाएं रखते हैं।