भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव एवं बेलदौर के पूर्व विधायक सत्यनारायण सिंह के कोरोना संक्रमण से निधन की खबर से पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत अन्य राजनेताओं ने  सिंह के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की है। कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि भाकपा बिहार राज्य कमेटी के सचिव एवं बेलदौर के पूर्व विधायक  सिंह के निधन का समाचार सुनकर वह दुखी हैं। वह एक प्रख्यात राजनेता और प्रसिद्ध समाजवादी थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। 

उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। बिहार के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने पूर्व विधायक एवं भाकपा के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन अत्यंत दु:खद है। अपने राजनीतिक जीवनकाल में वह किसानों और मजदूरों की प्रखर आवाज बने रहे। उनका ऐसे चले जाना एक शून्यता छोड़ गया है। ईश्वर से प्रार्थना है दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकसंतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

सिंह के निधन पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। भट्टाचार्य ने ट्वीट किया, अभी-अभी एक हृदयविदारक खबर मिली कि भाकपा के बिहार राज्य कमेटी के सचिव सत्यनारायण सिंह की कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया। दिवंगत नेता के लिए ससम्मान श्रद्धांजलि तथा सभी कॉमरेड, प्रशंसक और परिवार के सदस्यों के प्रति शोक-संवेदना।

वहीं, माकपा नेता अवधेश कुमार ने कहा कि  सिंह के निधन से वाम आंदोलन को भारी क्षति हुई है। उनका जीवन किसान और मजदूर आंदोलन के लिए समर्पित रहा। माकपा बिहार राज्य कमेटी उनके निधन से काफी मर्माहत है। पार्टी उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उल्लेखनीय है कि भाकपा के बिहार राज्य कमेटी के सचिव सत्यनारायण सिंह का कोरोना संक्रमण के कारण पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह करीब 78 वर्ष के थे। पार्टी सूत्रों ने सोमवार को यहां बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व सिंह, उनकी पत्नी और एक पुत्र के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। 

पॉजिटिव होने के बाद सिंह को पटना के रूबन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी तबीयत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उन्हें प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत बताई। इसके बाद 29 जुलाई को उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार देर रात उनकी मौत हो गई। वह पहले से मधुमेह से पीड़ित थे। खगड़यिा जिले के रहने वाले  सिंह चौथम (अब बेलदौर) विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1990 और 1995 में दो बार विधायक चुने गए। वह भाकपा में वर्ष 1968 में शामिल हुए। इसके पहले वे मुंगेर में लेक्चरर थे। पार्टी में उन्होंने पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया। उन्होंने ट्रेड यूनियन नेता रामबालक सिंह और भाकपा नेता चंद्रशेखर के सान्निध्य में राजनीति शुरू की। कई किसान और मजदूर आंदोलनों में उन्होंने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया।