केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन का उत्पादन सितंबर तक 10 गुना बढ़ जाएगा, जबकि रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन मई तक दोगुना होकर प्रति माह 74.1 लाख हो जाएगा।  उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में यह भी कहा कि कोविड-19 से निपटने और ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए राज्यों को हर सहायता की जा रही है तथा स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। 

रेमडेसिविर की जरूरत को पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए डॉ हर्षवर्धन ने ट्वीट किया कि उत्पादन दोगुना कर मई तक प्रति माह 74.1 लाख किया जा रहा है, उत्पादन बढ़ाने के लिए 20 उत्पादन संयंत्रों को तीव्र गति से अनुमति दी गई है, निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, किसी भी तरह के कदाचार, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। 

 ऑक्सीजन आपूर्ति के मुद्दे पर उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अत्यधिक मामलों वाले राज्यों को आपूर्ति की अनुमानित मांग का आकलन किया गया है, ऑक्सीजन उत्पादन को अधिकतम किया जा रहा है और इसे औद्योगिक उपयोग से हटाकर चिकित्सा उपयोग के क्षेत्र में लाया जा रहा है। 

गौरतलब है कि देश में कोविड-19 के मामलों में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण चिकित्सा उपयोग में लाई जाने वाली ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है।  स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि कोविड के मरीजों के लिए अस्थायी अस्पताल स्थापित कर और केंद्र के अस्पतालों में विशेष वार्ड निर्धारित कर बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 

डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्र ने महाराष्ट्र को 1,121, उत्तर प्रदेश को 1,700, झारखंड को 1,500, गुजरात को 1,600, मध्य प्रदेश को 152 और छत्तीसगढ़ को 230 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए हैं. उन्होंने कहा कि सितंबर 2021 तक कोवैक्सीन का उत्पादन 10 गुना बढ़ जाएगा।