दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस की वैक्सीन Covaxin को लेकर बड़ा खुलासा किया है। इसके तहत सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने सभी सरकारी केंद्रों, निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को निर्देश दिया है कि 18-44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में कोवैक्सीन Covaxin टीका सिर्फ उन लोगों को ही दिए जाएं, जिन्होंने पहली डोज में भी यही टीका लगवाया था।

अदालत ने आज विभिन्न लोगों द्वारा दायर 3 याचिकाओं पर सुनवाई की जिन्होंने पहली खुराक के रूप में कोवैक्सीन टीका लिया था, लेकिन उन्हें इस टीके की दूसरी डोज नहीं मिल पा रही थी।

दिल्ली सरकार और केंद्र ने हाईकोर्ट से यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए छह जून को राजधानी को कोवैक्सीन की 40,000 अतिरिक्त शीशियां दी गई हैं।

जस्टिस रेखा पल्ली ने कोवैक्सीन की कमी के मुद्दे को हल करने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर खुशी व्यक्त की। अदालत को यह जानकारी दी गई कि दिल्ली के मुख्य सचिव ने छह जून को एक आदेश जारी किया है कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने निर्देश दिया है कि बतौर कोविड टीकाकरण केंद्र काम कर रहे सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम सुनिश्चित करेंगे कि इसका उपयोग सिर्फ उन लोगों (18-44 वर्ष आयु वर्ग के) के टीकाकरण के लिए किया जाएगा जो जो जून महीने के दौरान या अगले आदेश तक इसे दूसरी डोज के रूप में लेने के लिए पात्र हैं।