नागिरक संशोधन विधेयक के विरोध में फेसबुक पोस्ट लिखने वाले मणिपुर के छात्र नेता वीवन थोकचोम को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इम्फाल ईस्ट ने रिहा कर दिया है। इसके साथ सीजेएम ने वीवन की ओर से दायर जमानत अर्जी को भी अनुमति दे दी है।

बता दें कि वीवन की ओर से 13 फरवरी को फेसबुक पोस्ट अपलोड किया गया था। जिसमें वीवन ने कहा था कि मणिपुर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है। इंटरनेट पर पांच दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। सभी केबल नेटवर्क ने विरोध प्रदर्शों के किसी भी भाषणा या फुटेज को कवर नहीं करने के लिए कहा है। संभावना है कि यह नागरिकता संशोधन विधेयक आज राज्य सभा में पारित हो जाएगा। मणिपुर ने 2001 में राज्य विधानसभा को जला दिया था। 13 फरवरी को फेसबुक पोस्ट अपलोड किया गया था, जो इस प्रकार था: "मणिपुर में लगाया गया अनिश्चितकालीन कर्फ्यू। इंटरनेट पर पांच दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया। सभी केबल नेटवर्क ने विरोध प्रदर्शनों के किसी भी भाषण या फुटेज को कवर नहीं करने के लिए कहा। उच्च संभावना है कि सीएबी (नागरिकता)। संशोधन विधेयक, 2019) आज राज्य सभा में पारित हो जाएगा। मणिपुर ने एक बार 2001 में राज्य विधानसभा को जला दिया।


वीवन के इसी फेसबुक पोस्ट को लेकर मणिपुर पुलिस ने धारा 153A और 124A IPC के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद उन्हों 16 फरवरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया, जहां रहकर वीवन पढ़ाई करते हैं। इसके बाद पुलिस ने 19 फरवरी को कोर्ट के सामने पेश की और हिरासत 22 फरवरी तक बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने पुलिस की मांग को खारिज करते हुए वीवन को जमानत दे दी। मामले की सुनवाई के दौरान सीजेएम ने कहा कि वीवन के फेसबुक पोस्ट में ऐसी कोई बात नहीं है जिसे घृणा या अवमानना जैसी कोई बात हो। इसके साथ-साथ इस पोस्ट में हिंसा को उकसाने जैसा कोई शब्द नहीं हैं।