मुंबई की एक अदालत ने कथित टीआरपी हेरफेर में रिपब्लिक टीवी के तीन कर्मचारियों को अग्रिम जमानत दे दी। तीन कर्मचारियों - शिवेंदु मुल्हेरकर, रंजीत वाल्टर और शिवसुब्रमण्यम सुंदरम ने पिछले साल नवंबर-दिसंबर में अदालत के समक्ष अपनी जमानत याचिका दायर की थी, उनके वकील विक्रम कामथ ने कहा। वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी रिपब्लिक टीवी के संस्थापक हैं।


कामथ ने कहा कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए डी देव ने तीनों कर्मचारियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि उनके खिलाफ (गिरफ्तारी के लिए) कोई आधार नहीं है और मामले में दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम नहीं है।


कथित फर्जी टीआरपी घोटाला पिछले साल अक्टूबर में तब सामने आया जब रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) ने हंसा रिसर्च ग्रुप (एचआरजी) के माध्यम से एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ टेलीविजन चैनल टीआरपी नंबरों में हेराफेरी कर रहे हैं। एचआरजी को नमूना घरों में चैनल व्यूअरशिप डेटा रिकॉर्ड करने के लिए बैरोमीटर स्थापित करने का काम सौंपा गया था।