दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को रियल एस्टेट कारोबारी सुशील अंसल (Sushil Ansal) और गोपाल अंसल (Gopal Ansal) की अंतरिम याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्हें 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड (Uphaar Cinema Fire Case) मामले में सबूतों से छेड़छाड़ के लिए मिली सात साल जेल की सजा को निलंबित करने की मांग की गई थी। उपहार सिनेमा अग्निकांड (Uphaar Cinema Fire Case) में 59 लोगों की जान चली गई थी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने कहा कि सजा के खिलाफ अपील पर गुणदोष के आधार पर 23 फरवरी को सुनवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अपील खारिज होने तक सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी गई है। बर्खास्तगी के साथ ही मामले के सभी आरोपी जेल में रहेंगे। इससे पहले अंसल भाइयों (ansal brothers) द्वारा अपनी सजा को स्थगित करने की मांग के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद न्यायाधीश ने इस मामले में सरकार और एसोसिएशन ऑफ विक्टिम्स ऑफ द उपहार त्रासदी (एवीयूटी) से जवाब मांगा था।

अदालत ने 20 नवंबर को सबूतों से छेड़छाड़ मामले के दोषियों में से एक, अदालत के पूर्व कर्मचारी दिनेश चंद्र शर्मा को अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए ‘मानवीय आधार’ पर दो दिन की अंतरिम जमानत दी थी। पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट डॉ पंकज शर्मा ने आठ नवंबर को अंसल बंधुओं को सात साल कैद की सजा सुनाई थी और दोनों पर 2.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने अदालत के पूर्व कर्मचारी पी. पी. बत्रा, अनूप सिंह और शर्मा पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना ठोंकने के साथ ही सभी को सात-सात साल जेल की सजा भी सुनाई थी।

इससे पहले, अंसल बंधुओं (ansal brothers) को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी ठहराया था और दो साल जेल की सजा सुनाई थी। 2015 में अदालत के निर्देश के बाद दोनों भाई आगे की जेल की सजा से बच गए थे, जिसमें 60 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। फरवरी 2017 में, शीर्ष अदालत ने 2:1 बहुमत के फैसले के माध्यम से 78 वर्षीय सुशील अंसल को उनकी उम्र से संबंधित जटिलताओं का हवाला देते हुए उन्हें आगे की जेल की सजा देकर राहत दी थी। हालांकि उन्होंने पहले ही सजा काट ली थी। हालांकि, अदालत ने उनके छोटे भाई गोपाल अंसल को शेष एक साल की जेल की सजा काटने के लिए कहा था। 13 जून, 1997 को हिंदी फिल्म ‘बॉर्डर’ (film border) की स्क्रीनिंग के बीच दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क में स्थित उपहार सिनेमा में आग लग गई थी, जिसमें 59 लोग मारे गए थे।