नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिल्ली नगर निगम के पूर्व महापौर फऱहाद सूरी ने जहांगीरपुरी में बुलडोजर चलाए जाने को ग़ैरकानूनी करार देते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त और महापौर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। सूरी ने बुधवार को निगम के द्वारा जहांगीरपुरी में चलाए गए बुलडोजर को गैरकानूनी करार दिया और कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के मामले डीएमसी एक्ट की धारा 343/344 के तहत नोटिस जारी करना अनिवार्य होता है। उसके बाद पीड़ित को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। आज की कार्रवाई में नियमों को ताक पर रख दिया गया। 

ये भी पढ़ेंः WhatsApp ने खोला फीचर्स का पिटारा, रिएक्शन जैसे धांसू फीचर, ग्रुप कॉल में एक साथ जुड़ सकेंगे 32 लोग


इस अमानवीय कार्रवाई के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर समेत जो भी आला अधिकारी इसमें शामिल है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।। उन्होंने कहा कि भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर को आदेश दिया कि ङ्क्षहसा वाले इलाके में कार्रवाई की जाए। आखिर आदेश गुप्ता ने किस हैसियत से ऐसा आदेश जारी किया जिसे महापौर ने मान लिया। पहली गलती महापौर ने की। उसके बाद दूसरी सबसे बड़ी गलती आयुक्त ने की कि उन्होंने गैरकानूनी आदेश को क्यों माना। पूर्व महापौर ने कहा कि निगम के कमिश्नर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं उनको क़ानून की जानकारी अवश्य होगी कि किसी अवैध संरचना को तोडऩे से पहले नियमों का पालन करना होता है। निगम को अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के मामले डीएमसी एक्ट की धारा 343/344 के तहत नोटिस जारी करना अनिवार्य होता है। 

जहांगीर पुरी में जिस प्रकार आनन फ़ानन में कार्रवाई को अंजाम देने की कोशिश की गई उसने खुले आम क़ानून की धज्जियाँ उड़ी। इसमें पीड़तिों को अपना पक्ष रखने का मौक़ा नहीं दिया गया जबकि निगम के एक्ट के अनुसार ऐसा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों में 2014 से पहले बनी संरचनाएँ और ग्रामीण आबादी और अन्य इलाक़ों में बनी संरचनाएँ संसद द्वारा पारित एनसीटी विशेष कानून के तहत किसी भी कार्रवाई के खिलाफ संरक्षित हैं और यह 31 दिसम्बर 2023 तक वैध हैं। जो बनावट संसद के द्वारा पारित क़ानून के तहत संरक्षित है उस किस प्रकार बुलडोजर चलाया जा सकता है। 

ये भी पढ़ेंः ... लो आ गई चौथी लहर? दिल्ली में फेस मास्क पहनना अनिवार्य, यूपी के कई जिलों में लौट आईं पाबंदियां

उन्होंने कहा कि जहांगीरपुरी की घटना ने यह साबित कर दिया कि इस देश में क़ानून का राज समाप्त हो गया है। कांग्रेस के नेता ने कहा कि इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की भी कलई खुल गई। निगम ने इस कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी से भी सहयोग के लिए चिट्ठी जारी की थी जबकि पीडब्ल्यूडी दिल्ली सरकार के अंतर्गत आती है। केजरीवाल को इस मामले में हस्तक्षेप करके पीडब्ल्यूडी को इस अवैध कार्रवाई का हिस्सा बनने से रोकना चाहिए था लेकिन उन्होंने वह खामोश रहे। उन्होंने कहा कि दिल्ली समेत देश के अलग अलग हिस्सों में जिस प्रकार एक खास समुदाय को निशाना बनाकर उनके घरों पर अवैध तरीक़े से बुलडोजर चलाया गया है वह हमारे लोकतांत्रिक ढाँचे के लिए खतरनाक संकेत है। इस मामले में नागरिक समाज को आगे आना होगा वरना सदियों की मेहनत से बनाई गई इस खूबसूरत चमन को भारी नुक़सान हो सकता है।