दिवाली समेत त्योहारी सीजन में ट्रेन से यात्रा करने वालों को जरा सावधान हो जाने की जरूरत है क्योंकि रेलवे ने नए नियम जारी किए हैं। भारतीय रेलवे ने अक्टूबर महीने में त्योहारी सीजन को देखते हुए 196 जोड़ी यानी 392 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इन्हें फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के नाम से चलाया जाएगा। हालांकि इस दौरान कोरोना संक्रमण के संकट को देखते हुए मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि को लेकर नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के मुताबिक अगर कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे भारी जुर्माना या जेल तक की सजा काटनी पड़ सकती है।

आरपीएफ ने इस संबंध में कहा है कि मास्क नहीं पहनने, कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और जांच में संक्रमित होने की पुष्टि हो जाने के बाद भी ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों पर रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है, यहां तक की कैद की भी सजा हो सकती है।

आरपीएफ ने विशेष रूप से आगामी त्योहारी मौसम के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जाहिर है त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर रेलवे ने सभी जोन में फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी है। इससे रेल यात्रियों को सफर की अतिरिक्त सुविधा और भीड़ से राहत मिलेगी। लेकिन ऐसे में रेल प्रशासन के सामने कोरोन संक्रमण को देखते हुए यात्रियों पर नियंत्रण रखना और सख्ती से नियमों का पालन करवाना किसी चुनौती से कम नहीं है।

दिशा-निर्देशों में यात्रियों से रेल परिसरों में कुछ गतिविधियां करने से बचने को कहा गया है। इनमें मास्क नहीं पहनना या सही तरीके से नहीं पहनना, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं करना, इसके अलावा कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो जाने के बाद या जांच के नतीजे लंबित रहने के दौरान रेल क्षेत्र में या स्टेशन पर आने या ट्रेन में सवार होने या स्टेशन पर स्वास्थ्य टीम द्वारा यात्रा की अनुमति नहीं दिये जाने पर भी ट्रेन में सवार हो जाना आदि शामिल हैं।
आरपीएफ ने कहा कि सार्वजनिक स्थल पर थूकना भी गैरकानूनी है। रेलवे स्टेशनों पर एवं ट्रेनों में गंदगी फैलाना या जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्रभावित करना तथा कोराना वायरस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिये रेल प्रशासन द्वारा जारी किसी दिशा-निर्देश का पालन नहीं करने जैसी गतिविधियों की भी अनुमति नहीं होगी।

आरपीएफ ने कहा है कि चूंकि ये गतिविधियां या कृत्य कोरोना वायरस के प्रसार को बढ़ा सकती है और किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इन गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को रेल अधिनियम की धारा 145,153 और 154 के तहत दंडित किया जा सकता है।

इन्हें रेल अधिनियम की धारा 145 (नशे में होना या उपद्रव करना) के तहत अधिकतम एक महीने की कैद, धारा 153 (जानबूझ कर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिये जुर्माने के साथ अधिकतम पांच साल की कैद) और धारा 154 (लापरवाह कृत्यों से अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत एक साल तक की कैद या जुर्माना, या दोनों सजा साथ में दिये जाने का प्रावधान है।