कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के बीच राजनीति भी शांत पड़ी है। इस वजह से इसय ज्यादातर नेता इन दिनों घर ही बैठे हैं। ऐसे में यह जानना काफी जरूरी हो जाता है कि भारतीय राजनीती में आए युवा नेता जैसे कन्हैया कुमार और हार्दिक पटेल आदि अभी कहां और क्या कर रहे हैं।




कन्हैया कुमार
जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे सीपीआई नेता कन्हैया कुमार अभी शांत बैठे हैं। कोरोना के कारण जब लॉकडाउन की घोषणा हुई, तब कन्हैया ने लोगों से अपील की कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने 28 मार्च के बाद उनके फेसबुक और ट्विटर हैंडल पर कोई पोस्ट नहीं की। अपने कुछ आखिरी पोस्ट में उन्होंने सरकार से अपील की है कि गरीबों को उनके घर पहुंचाने और उनके इलाज के साथ-साथ खाने-पीने का भी इंतजाम किया जा सके।


हार्दिक पटेल
गुजरात में पाटीदार आंदोलन से सामने आए हार्दिक पटेल अब कांग्रेस के नेता हैं। लॉकडाउन के बीच काम करने वालो पुलिसकर्मियों को प्राथमिक सुविधाएं देने की मांग के लिए हार्दिक पटेल ने हाल ही में गुजरात के गृहमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। इस बीच हार्दिक पटेल गुजरात में राशन वितरण के दौरान बड़े घोटाले का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने देश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उनकी ट्विटर प्रोफाइल पर लोगों की मदद के संबंध में कोई पोस्ट नहीं मिली।
तेजस्वी सूर्या
भारतीय जनता पार्टी के सबसे युवा सांसदों में से एक तेजस्वी सूर्या तब से चर्चा में हैं, जब से उन्हें बेंगलुरु साउथ से लोकसभा चुनाव का टिकट मिला। वह चुनाव जीतकर सांसद बन चुके हैं। लॉकडाउन के कारण वह अपने घर पर हैं। हालांकि, इस दौरान वह लोगों की मदद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव तेजस्वी सूर्या अपने सहयोगियों के अलावा आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की मदद से लोगों तक खाने-पीने की चीजें पहुंचा रहे हैं। तेजस्वी सूर्या का कहना है कि इस समय उनके वॉलंटियर्स ही उनकी ताकत हैं।

चंद्रशेखर आजाद
पिछले कुछ सालों में चंद्रशेखर आजाद दलितों के नए नेता बनकर उभरे हैं। हाल ही में उन्होंने आजाद समाज पार्टी के नाम से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की है। कोरोना वायरस के चलते ही उनकी पार्टी का लॉन्च एक छोटे से कार्यक्रम में सीमित हो गया था। अब लॉकडाउन के समय चंद्रशेखर आजाद की पार्टी लोगों की मदद के लिए आगे आई है। अपनी पार्टी और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं की मदद से लोगों तक मदद पहुंचा रहे चंद्रशेखर सत्ताधारी बीजेपी पर भी हमलावर हैं। वह बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नसीहत दे रहे हैं कि ताली बजवाने और दीया जलाने की बजाय स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान दें।

आदित्य ठाकरे
शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे अपने परिवार से ऐसे पहले शख्स हैं, जिन्होंने चुनाव लड़ा। कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र को बचाने के लिए सीएम और आदित्य ठाकरे के पिता उद्धव ठाकरे की सरकार काफी सक्रिय है। खुद आदित्य ठाकरे भी अस्पतालों में क्वारंटीन वॉर्ड बनवाने, गरीबों और जरूरतमंदों को खाना पहुंचाने और संक्रमितों के इलाज जैसे कामों पर नजर बनाए हुए हैं। राज्य में प्रवासी मजदूरों के लिए भी कैंप लगाने का इंतजाम किया गया है।