इस समय कोरोना वायरस महामारी से देश की जनता परेशान है। लॉकडाउन के कारण उद्योग-व्यापार, काम-धंधे सब बंद हो चुके हैं। लोगों की आय बंद होने से कई परिवार परेशान हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। योगी सरकार ने स्कूलों में एक साल तक फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी है। सरकार ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है।
सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि किसी भी स्कूल ने फीस बढ़ाई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार की देर शाम जारी किए गए आदेश में साफ कहा गया है कि शिक्षा सत्र 2020-21 के दौरान किसी भी स्कूल में फीस वृद्धि नहीं होगी। यह आदेश सभी बोर्ड के प्रत्येक स्कूल पर लागू होगा।
इस संबंध में प्रदेश के डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर किसी ने पहले ही बढ़ी हुई फीस ले ली है, तो उसे आने वाले महीनों में एडजस्ट करना पड़ेगा। सरकार के इस फैसले से जहां छात्रों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, ते वहीं प्राइवेट स्कूल संचालकों के यह गले नहीं उतर रहा। कई अभिभावकों का कहना है कि इस महामारी के इस दौर में स्कूलों की फीस भरना मुश्किल हो रहा है।
जहां कई स्कूलों को फीस बढ़ाने पर लगी रोक हजम नहीं हो रही, वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ही एक स्कूल ऐसा भी है, जिसने अपनी ट्यूशन फीस 25 फीसदी तक कम कर दी थी। यह स्कूल कुंवर पब्लिक स्कूल है जिसके संचालक राजेश सिंह ने कहा है कि लॉकडाउन का ऐलान होने के तुरंत बाद अभिभावकों को इस संबंध में सूचना दे दी गई थी। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी तरह का कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्कूल खुलने तक बच्चों से ट्रांसपोर्टेशन फीस भी नहीं ली जाएगी।