कोरोना वायरस की वजह चल रहे लॉकडाउन में स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी आई है। लॉकडाउन के चलते कई स्टूडेंट्स एग्जाम देने नहीं पहुंच सकते इसके चलते अब उन्हें बिना एग्जाम दिए ही पास सकते हुए आगे की कक्षाओं में प्रमोट किया जाएगा। यह फैसला केंद्रीय विद्यालय समिति ने लिया है।
देश के हालातों के मद्देनजर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के छात्र जिन्हें अंतिम परिणाम में ई ग्रेड मिला है, उन्हें बिना किसी परीक्षा के अगली कक्षा में पदोन्नत किया जा सकता है। तय नियमों के अनुसार छात्रों को ऐसे में सुधार परीक्षा के लिए उपस्थित होना पड़ता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय विद्यालय समिति (KVS) ने देश भर के केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्रों को बढ़ावा देने की घोषणा की है, भले ही वे वार्षिक वार्षिक परीक्षा में उपस्थित हुए हों। इस बार केंद्रीय विद्यालय ने यह व्यवस्था भी की है कि कक्षा 1 से 8 का परिणाम माता-पिता या अभिभावकों को वॉट्सऐप, एसएमएस, ईमेल आदि के माध्यम से घोषित किया जाएगा।

देश भर में कोरोना को लेकर हालात बदल चुके है। संपूर्ण लॉकडाउन से कर्फ्यू जैसा माहौल है। देश के हालातों के मद्देनजर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के छात्र जिन्हें अंतिम परिणाम में ई ग्रेड मिला है, उन्हें बिना किसी परीक्षा के अगली कक्षा में पदोन्नत किया जा सकता है। तय नियमों के अनुसार छात्रों को ऐसे में सुधार परीक्षा के लिए उपस्थित होना पड़ता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय समिति (KVS) ने देश भर के केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्रों को बढ़ावा देने की घोषणा की है, भले ही वे वार्षिक वार्षिक परीक्षा में उपस्थित हुए हों। इस बार केंद्रीय विद्यालय ने यह व्यवस्था भी की है कि कक्षा 1 से 8 का परिणाम माता-पिता या अभिभावकों को वॉट्सऐप, एसएमएस, ईमेल आदि के माध्यम से घोषित किया जाएगा।
कक्षा 1 से 8 तक के छात्र जिन्हें अंतिम परिणाम में ई ग्रेड मिला है, उन्हें बिना किसी परीक्षा के अगली कक्षा में पदोन्नत किया जा सकता है। सामान्य परिदृश्य में, ऐसे छात्रों को एक सुधार परीक्षा के लिए उपस्थित होना पड़ता है।
बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकती थी, इसीलिए केवीएस ने ये कदम उठाए हैं। बता दें कि अधिकांश बोर्डों ने परिणाम स्थगित कर दिए हैं, कई बोर्डों के लिए, परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। वहीं बिहार बोर्ड परिणाम घोषित करने वाला पहला बोर्ड बन गया है क्योंकि उसने कक्षा 12 का परिणाम घोषित किया है।