बिहार में कोरोना वायरस से हाहाकार मच गया है और संक्रमितों की संख्या 1 लाख पर कर गई है। इसके चलते रेलवे ने 23 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। बिहार में पिछले साल कोरोना संक्रमण के दौरान 22 मार्च को पहले कोरोना संक्रमित मरीज की पहचान हुई थी और 16 अगस्त 2020 को कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार हुई थी। उस दिन तक राज्य में कुल 1 लाख 4 हजार 93 कोरोना संक्रमितों की पहचान की जा चुकी थी। 22 मार्च 2021 से अबतक राज्य में 1 लाख 39 हजार 937 कोरोना संक्रमित मिले हैं जबकि इनमें सक्रिय संक्रमितों की संख्या 25 अप्रैल 2021 तक 87154 हो गयी है।

राज्य में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष चार से छह गुना अधिक तेजी से नए संक्रमितों की पहचान की जा रही है। 16 अगस्त 2020 को राज्य में 2187 नए संक्रमितों की एक दिन में पहचान की गई थी। जबकि 25 अप्रैल 2021 को राज्य में 12ए745 नए संक्रमित मिले। इसके पूर्व 15 अगस्तए 2020 को राज्य में 3536 नए कोरोना संक्रमित मिले थे जबकि 24 अप्रैल 2021 को राज्य में 12ए359 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है।

राज्य सरकार की ओर से कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान दोनों वर्ष सभी सरकारी अस्पतालों में कोरोना की जांच की निःशुल्क व्यवस्था की गई। इसके अतिरिक्त बस स्टैंड, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन पर भी मेडिकल टीम के माध्यम से रैपिड जांच की व्यवस्था की गई। निजी जांच घरों में भी निर्धारित शुल्क पर जांच की सुविधा प्रदान की गई।

बिहार में कोरोना से हाहाकार है। पूर्व मध्य रेल के दो हजार से अधिक कर्मचारी संक्रमित हैं। ट्रेनों में भीड़ की वजह से संक्रमण और बढ़ रहा है। इस बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार से चलने वाली 23 जोड़ी ट्रेनों को रेलवे ने रद्द करने का फैसला किया है। ट्रेनों की सूची रेलवे की तरफ से जारी कर दी गई है। यात्रा करने से पहले इन ट्रेनों की सूची देख लें।

ने भी 23 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। रेलवे ने यह कदम कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच उठाया है। रद्द होने वाली ट्रेनों में ज्यादातर पैसेंजर ट्रेन हैं। पैंसेजर ट्रेनों में भीड़ को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे क्योंकि बिहार के शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी अब संक्रमण फैल रहा है। पूर्व मध्य रेल ने मेमू और डेमू स्पेशल ट्रेनें कैंसिल की हैं। सभी ट्रेनें 29 अप्रैल से नहीं चलेंगी। कोरोना की स्थिति को देखते हुए आगे फैसला लिया जाएगा।