क्रिसमस से ठीक पहले बड़ा ऐलान किया गया है कि इस त्योहार इस बार सबसे बड़ा चर्च बंद रहेगा। ऐसा पहली बार हो रहा है जब क्रिसमस पर दिल्ली का सबसे बड़ा चर्च बंद रहेगा। हालांकि, चर्च की सजावट हर साल की तरह ही की गई है, लेकिन इसके अंदर प्रवेश की इजाजत नहीं है। चर्च के पदाधिकारियों के अनुसार इस मौके पर हर साल दो लाख से अधिक श्रद्धालु आते थे, लेकिन इस बार बंद रखने का फैसला किया गया है। सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल गिरजाघर के पादरी लारेंस ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पहली बार चर्च को बंद करने का फैसला लिया गया है।

चर्च में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी, केवल चर्च के सदस्य प्रार्थना और पूजा कर सकेंगे, जिसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चर्च में बेंच पर अलग-अलग बैठने के लिए निशान बनाए गए हैं। बिना मास्क वाले किसी भी सदस्य को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए गेट पर एक बॉक्स रखा गया है, पत्र में लोग अपनी प्रार्थना लिखकर उसमें डाल सकते हैं।

इस बार किसी भी वीवीआइपी को निमंत्रण नहीं भेजा गया है। प्रवेश द्वार पर भीड़ को नियंत्रण करने के लिए दिल्ली पुलिस से मदद मांगी गई है। चर्च में अंग्रेजी, हिंदी और मलयालम में भी प्रार्थना होगी। क्रिसमस-डे पर चर्च के अंदर चार बार प्रार्थना की जाएगी। सबसे पहले सुबह 7 बजे मलयालम में, 9 बजे अंग्रेजी में, सुबह 10:30 बजे हिंदी और 11:45 पर अंग्रेजी में प्रार्थनाएं होंगी। इस दौरान केवल 50 व्यक्ति उपस्थित होंगे।