भारत में कोरोना वायरस विकराल रूप ले चुका है। इसको लेकर संभावना जताई जा रही है अप्रैल में रोज होने वाले मरीजों की संख्या 5 लाख पार जा सकती है। वहीं, रोज मरने वालों का आंकड़ा 3 हजार को छू सकता है। देश में बुधवार रात तक संक्रमण के 199,569 नए मामले दर्ज किए गए। यह महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक एक दिन में मिलने वाले नए कोरोना संक्रमितों का सर्वाधिक आंकड़ा है। पहली लहर में भी कोरोना का यह विकराल रूप देखने को नहीं मिला था, जितना आज के दिनों में देखने को मिल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस अवधि में 1037 लोगों की मौत हो गई। अब तक के कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 14070300 हो गई है। कोरोना से पीड़ित लोगों के ठीक होने की दर और गिरकर 89.51 प्रतिशत रह गई है। 

कोरोना वायरस का कहर भारत में अपने पीक की ओर बढ़ रहा है, जिससे देश में पहली लहर से भी अधिक भय का माहौल बन गया है। करोना के बढ़ते मामलों के बीच चारों ओर ऑक्सीजन, बेड और दवाओं की कमी हो गई है। भारत में कोरोना का दैनिक मामला दो लाख के आंकड़ों को छू चुका है और दूसरी लहर कितनी विकराल है, इसकी झलक भी दिखा दी है। यही वजह है कि चारों ओर मौतें इतनी हो रही हैं कि श्मशान घाटों पर जगह से लेकर लकड़ियों की कमी हो जा रही है। लेकिन हमें इस मुश्किल वक्त में भी मजबूती से काम लेना और कोरोना के खिलाफ डटकर मुकाबला करना है क्योंकि यह महीना अभी और बुरे दिन दिखाने वाला है। अप्रैल में ही कोरोना के रोजाना मामले पांच लाख पार जा सकते हैं और हर दिन तीन हजार से भी अधिक मौतें हो सकती हैं।

वैसे तो पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर का खतरनाक कहर दिख रहा है, मगर सबसे अधिक स्थिति महाराष्ट्र की खराब है। महाराष्ट्र में कोरोना का विकराल रूप देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह से वहां 15 दिनों का मिनी लॉकडाउन लगाया गया है। यहां जानने वाली बात है कि कोरोना वायरस का प्रसार सीमा की नाकेबंदी से भी कम नहीं होने वाला। अगर समय रहते इस पर काबू पाया नहीं गया तो अभी और भयावह मंजर देखने को मिल सकते हैं।