कोरोना वायरस की वजह से अभी पूरी दुनिया में डर का माहौल है। इस खतरनाक बीमारी के मामले दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहे हैं। इस वायरस के इतनी तेजी से फैलने के कई कारण बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसके हवा से फैलने की बात भी कही है। हालांकि WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन) ने इसे लेकर स्पष्ट जानकारी दी है।
कोरोना वायरस को तेजी से फैलता देख पूरी दुनिया में डर का माहौल है। इस जानलेवा वायरस के मामले दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहे हैं। इस वायरस के इतनी तेजी से फैलने के कई कारण बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसके हवा से फैलने की बात भी कही है। हालांकि WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन) ने इसे लेकर स्पष्ट जानकारी दी है।
WHO के मुताबिक, कोरोना वायरस के हवा में फैलने की बात महज अफवाह है। कोविड-19 'एयरबॉर्न' डिसीज नहीं है। बता दें कि इस वायरस को लेकर कई ऐसी अफवाहें सामने आई थीं जिनमें कहा जा रहा था कि कोरोना वायरस हवा में 8 घंटों तक एक्टिव रह सकता है।
WHO ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस सिर्फ सरफेस या ड्रॉपलेट के जरिए ही एक इंसान से दूसरे इंसान को संक्रमित करता है।
रोगी व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आने के बाद ही एक स्वस्थ्य इंसान संक्रमित हो सकता है। ऐसा रोगी के खांसने, छींकने या मास्क पहनकर बात न करने के वक्त हो सकता है।

दूसरा, यह महामारी सरफेस के जरिए भी जल्दी फैलती है। यानी खांसते या छींकते वक्त रोगी के ड्रॉपलेट्स यदि किसी जगह पर गिर जाएं और स्वस्थ्य व्यक्ति उसके संपर्क में आ जाए तो भी वह संक्रमित हो सकता है।
ऐसे होगा बचाव
1. रोगी व्यक्ति से तकरीबन 1 मीटर की निश्चित दूरी बनाकर रखें।

2. किसी भी चीज को छूने के बाद साबुन या सैनिटाइजर से अच्छी तरह हाथ धोएं।

3. किसी से हाथ मिलाने या किसी चीज को छूने के बाद आंख मुंह या नाक पर हाथ न लगाएं।

4. खतरा टलने तक घर में लॉकडाउन रहें और किसी भी बाहरी व्यक्ति से न मिलें।