कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर दुनिया भर में शोध हो रहे हैं। इस बीच इंग्लैंड में पब्लिक हेल्थ की रिपोर्ट में चौंकाने वाली खबर दी गई है। कहा गया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का वजन अगर जरूरत से ज्यादा है तो ये हामारी उनकी जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रेग्नेंसी में भर्ती होने वाले तीन चौथाई लोग मोटापे का शिकार थे।

मोटापा कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे दिल की बीमारियां, हाई ब्लड प्रेशर, गुर्दे संबंधी बीमारी का कारण बनता है। अब इस सिलसिले में इसका संबंध कोरोना वायरस संक्रमण और इससे होनेवाली मौत के बीच जोड़ा गया  है

का कहना है कि जितने लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण के बाद आईसीयू में भर्ती कराया गया उनमें हैरत अंगेज तौर पर तीन चौथाई लोग मेटापे का शिकार थे और उममें मौत का फीसद अन्य के मुकाबले 40 फीसद ज्यादा था।

हालांकि नए शोध से इस बात का  पता नहीं चलता है कि मेटापे के शिकार लोगों की कोरोना वायरस से हालत क्‍यों ज्यादा चिंताजनक हुई। और सामान्य वजन वाले लोगों के मुकबाले उनकी मौत क्‍यों ज्यादा हुई।

फिर भी ये कहा जा सकता है कि मोटापा उनके प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है और उसके लिए वायरस से लड़ना मुश्किल कर देता है। पब्लिक हेल्‍थ इंडलैंड से जुड़ी एलिसन टेडेस्टोन ने कहा, नया सबूत बिल्कुल साफ है। मोटापे  से गंभीर बीमारी या कोविड-19 से मौत का ज्यादा खतरा रहता है।

उन्होंने बताया कि वजन कम कर कर स्वास्थ्य के बहुत सारे फायदे हासिल किए जा सकते हैं। उनका कहना है कि सामान्य वजन कोविड-19 के खतरे से सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकता है। आपको बता दें कि ब्रिटेन में यूरोप की तुलना में मोटे लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इंग्लैंड के दो तिहाई युवा मोटे हैं। यही मामला स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में देखा गया।