उत्तराखंड में कोविड-19 संक्रमण काल में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक हो गई है। मंगलवार को जहां 5703 नये कोरोना संक्रमित मिले हैं, वहीं 96 संक्रमितों की मौत हो गई। इस बीच, मात्र 1471 रोगी ही स्वस्थ हुए हैं। कोरोना संक्रमण से ग्रस्त व्यक्तियों की संख्या नित्य प्रति बढ़ती जा रही है, वहीं केयर सेंटरों और चिकित्सालयों में उपचाराधीन संक्रमितों की मृत्यु की संख्या भी बढ़ रही है। 

यह आंकड़े इतने अधिक हैं कि मृत्यु का राष्ट्रीय औसत आंकड़ा भी पीछे छूट गया है। सोशल डवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल के अनुसार, देश की आबादी में उत्तराखंड का हिस्सा करीब एक प्रतिशत है, लेकिन पिछले पांच दिनों में राज्य में हुईं मौतों के आधार पर मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से दोगुनी हो गई है। राज्य में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर 1.42 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर मृत्यु दर 1.13 प्रतिशत है। 

राज्य में 22 अप्रेल से आज तक कुल छह दिनों में 346 कोरोना संक्रमितों की मृत्यु हुई है। सम्पूर्ण कोविड-19 संक्रमण काल में अद्यावधि तक यहां कुल 2309 रोगियों की मौत हुई है। राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नियंत्रण के लिये जूझ रही है। चार जनपदों में आगामी तीन मई तक के लिये कड़ाई के साथ कफ्र्यू लगाया गया है। इसके बावजूद लोग नियमों की अवहेलना करते बाज नहीं आ रहे। राज्य में इस समय कुल सक्रिय संक्रमितों की संख्या 43,032 हो चुकी है। यह अलग बात है कि संक्रमितों का प्रतिशत 4.42 है, जबकि सही होने वालों का औसत आज गिरकर 69.96 प्रतिशत रह गया, जो चिन्ताजनक स्थिति को दर्शाता है। आज तक 29857 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है। जबकि 43507 नमूने जांच के लिये भेजे गए हैं।