उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के लगातार कम होते प्रभाव के बीच बरेली और बुलंदशहर जिले भी 600 से कम एक्टिव केस वाले जिलों में शामिल हो गये है, जिसके चलते अब 67 जिलों को आंशिक कोरोना कर्फ्यू से राहत मिल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जाहिर की है कि साप्ताहिक बंदी की अवधि खत्म होने तक कुछ और जिलों में भी एक्टिव मामलों की संख्या 600 से कम होगी और वहां भी कोरोना कर्फ्यू से मुक्ति मिलेगी। 

हालांकि उन्होने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर मास्क पहन कर निकले और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते रहें। कोरोना प्रबंधन के लिये टीम-09 की बैठक में  योगी ने कहा कि राज्य में अब 19,438 कोरोना केस एक्टिव हैं जबकि रिकवरी दर 97.6 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 10 लाख 32 हजार 967 कोविड टेस्ट किए गए हैं। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोविड टेस्ट पॉजिटिविटी दर मात्र 0.4 फीसदी रही। बीते 24 घंटों में 1,092 नए मरीज पाए गए हैं। इसी अवधि में 4,346 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। इस तरह अब तक कुल 16 लाख 56 हजार 763 प्रदेशवासी कोरोना से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि कोरोना के कम होते संक्रमण दर के दृष्टिगत 600 एक्टिव केस से कम संख्या वाले 64 जिलों को कोरोना कफ्र्यू से छूट दी गई है। ताजा स्थिति के अनुसार बुलंदशहर और बरेली जिले में कुल एक्टिव केस की संख्या 600 से कम हो गई है। दो दिवसीय प्रदेशव्यापी साप्ताहिक बन्दी के समाप्त होने के बाद आगामी सोमवार से इन दोनों जिलों को भी सप्ताह में पांच दिन सुबह 07 बजे से सायं 07 बजे तक कोरोना कर्फ्यू से छूट दी जाए। प्रदेश के 67 जिलों में कुल एक्टिव केस की संख्या 600 से कम हो गई है। रिकवरी की स्थिति को देखें तो सोमवार तक चार-पांच और जिलों के भी 600 एक्टिव केस से कम की श्रेणी में आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 01 करोड़ 98 लाख 38 हजार 187 डोज लगाए जा चुके हैं। बीते 24 घंटे में 04 लाख 01 हजार 582 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त किया। सोमवार से महिलाओं के सुविधाजनक टीकाकरण के लिए पृथक बूथ भी संचालित किए जाएंगे। 

इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि जून माह में सरकार का लक्ष्य एक करोड़ लोगों को टीका-कवर से आच्छादित करना है, जबकि जुलाई में इसे दो से तीन गुना तक विस्तार देने की योजना है। इसके मद्देनजर बड़ी संख्या में वैक्सीनेटर की आवश्यकता होगी। नर्सिंग कॉलेजों के प्रशिक्षु विद्यार्थियों को टीकाकरण के संबंध में प्रशिक्षित किया जाए। प्रशिक्षण की यह कार्यवाही अगले सप्ताह से प्रारंभ कर दिया जाए। योगी ने कहा कि चिकित्सकों को केवल चिकित्सकीय कार्य में ही तैनात किया जाए। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अलग-अलग अस्पतालों/कार्यालयों सहित जहां भी चिकित्सकों की तैनाती प्रशासनिक/प्रबंधकीय कार्यों में की गई है, उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर चिकित्सकीय कार्यों में ही लगाया जाए। प्रबंधन के कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार एमबीए उपाधिधारक युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ओपीडी, आईपीडी सेवाएं, सर्जरी आदि शुरू की गई हैं, मगर वही लोग अस्पताल आएं, जिनकी स्थिति गंभीर हों। घर से बाहर कम से कम निकलें। यथासंभव टेलीकन्सल्टेशन का उपयोग करें। सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला स्तरीय अस्पतालों में टेलीकन्सल्टेशन की व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। अधिकाधिक डॉक्टरों को इससे जोड़ा जाए। लोगों को इस सेवा के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए। 

योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण जिन बच्चों के माता-पिता अथवा कानूनी अभिभावक का निधन हो गया है, ऐसे निराश्रित बच्चों के व्यवस्थित पालन-पोषण, शिक्षा-दीक्षा आदि के लिए सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की शुरुआत की है। योजना के तहत 4,000 रूपये की मासिक की दर से धनराशि दिए जाने, उन्हें बाल संरक्षण गृहों में आवासित किए जाने, कस्तूरबा अथवा अटल आवासीय विद्यालयों में शिक्षा की सुविधा सहित अनेक उपयोगी प्रावधान सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु से अधिक के ऐसे किशोर जिनके माता-पिता दोनों अथवा किसी एक अभिभावक का कोरोना के कारण असमय देहान्त हो गया है, उनके सुचारू पठन-पाठन की व्यवस्था की जाए। आर्थिक कारणों से किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं हो। इन बच्चों को अभ्युदय योजनांतर्गत टैबलेट, लैपटॉप भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए उच्च एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की परीक्षाओं के संबंध में भी यथाशीघ्र निर्णय ले लिया जाना चाहिए। संबंधित विभाग, विश्वविद्यालयों से संपर्क कर इस संबंध में यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। इन संस्थानों में वार्षिक प्रणाली, सेमेस्टर प्रणाली आदि लागू है। सभी की आवश्यकताओं औऱ छात्रहितों को सर्वोपरि रखते हुए व्यवस्था बनाई जाए।